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टूटे और जर्जर छात्रावास में रह रहे थे केंद्रीय हिंदी संस्थान के छात्र, अब हुआ कुछ ऐसा

केंद्रीय हिंदी संस्थान के तीन छात्रावासों के नवीनीकृत भवनों का उद्घाटन

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jul 27, 2018

Central Hindi Institute

टूटे और जर्जर छात्रावास में रह रहे थे केंद्रीय हिंदी संस्थान के छात्र, अब हुआ कुछ ऐसा

आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के तीन छात्रावास भवन पुराने और काफी जर्जर स्थिति में थे। शुक्रवार को तीन नवीनीकृत छात्रावासों (सुभद्रा कुमारी चौहान छात्रावास, मोटूरि सत्यनारायण एवं प्रेमचंद छात्रावास) का उद्घाटन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका और केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने किया।

टूट रही थी बालकनी, कमरों से उखड़ा था फर्श
बता दें कि केंद्रीय हिंदी संस्थान के छात्रावास भवनों का प्लास्टर निकल गया था। कमरों की बालकनियों के छज्जे टूटकर गिर रहे थे। छात्रावास भवनों के चारों ओर कच्ची जमीन पर घास और गंदगी रहती थी। ऐसे समय में प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय, केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक बनकर आए और उन्होंने तीनों छात्रावासों के भवनों को सर्वप्रथम नवीनीकृत करवाया। छात्रावासों के तीनों भवनों का जीर्णोद्धार कार्य केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग दो वर्षों में पूरा किया गया है। इस पर लगभग तीन करोड़ रुपए व्यय हुए हैं। छात्रावासों के नवीनीकरण में कमरों के अंदर फर्श पर टाइलें लगवाई गई हैं। सभी मंजिलों की लॉबी में कोटा स्टोन लगवाया गया है। बालकनियों को जमीन से ही दीवार के साथ जोड़ा गया है और उन्हें लोहे के जाल से बंद करवाया गया है। इससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भी मजबूत हुई है। छात्रावास भवनों की मरम्मत के दौरान बिजली-पानी संबंधी कार्य भी करवाया गया है। पानी के सभी पुराने पाइपों को बदला गया है। इस मरम्मत कार्य और भवनों को नवीनीकृत करवाने से बिजली पानी की बचत होगी और छात्र-छात्राओं को अध्ययन का अच्छा वातावरण मिल सकेगा।

विद्यार्थियों को मिलेगा शिक्षा का अच्छा वातावरण
छात्रावास भवनों के उद्घाटन के दौरान छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष महोदय ने कहा कि छात्रावासों के जीर्णोद्धार से विद्यार्थियों को अध्ययन का अच्छा वातावरण मिलेगा। उन्होंने वर्तमान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से अपेक्षा की कि भविष्य में अध्ययन के लिए आने वाले विद्यार्थियों के लिए साफ-सुथरा और सुंदर छात्रावास छोड़कर जाएं। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रावासं की जर्जर स्थिति को देखते हुए, इनके नवीनीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया गया है। उन्होंने छात्रावास भवनों के जीर्णोद्धार के दौरान होने वाली परेशानियों के लिए विद्यार्थियों के धैर्य की प्रशंसा की। उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही संस्थान में कार्यरत सभी सदस्यों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रो. रामवीर सिंह, प्रो. महेंद्र सिंह राणा, प्रो. हरिशंकर, प्रो. बीना शर्मा, प्रो. उमापति दीक्षित, डॉ. गंगाधर वानोडे, केशरी नंदन, अनुपम श्रीवास्तव, जानकी जेठवानी, डॉ. जोगेन्द्र सिंह मीणा सहित कर्मचारी एवं समस्त छात्रा-छात्राएं उपस्थित रहे।