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अमित शाह के आगरा आने से पहले सिविल सोसायटी ने बोला बड़ा हमला

सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आगरा को किया अनदेखा, प्रधानमंत्री भूल गए अपने वादे

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jul 04, 2018

agra

अमित शाह के आगरा आने से पहले सिविल सोसायटी ने बोला बड़ा हमला

आगरा। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पांच जुलाई को आगरा आ रहे हैं। लेकिन, इससे पहले सिविल सोसायटी आॅफ आगरा ने उन पर कड़े सवालों की बौछार की है। सिविल सोसायटी ने बुधवार को हरियाली वाटिका में पत्रकार वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक द्वारा किए गए वादे याद दिलाए। सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि जो काम वे कर रहे हैं उस काम को जनप्रतिनिधियों को करना चाहिए।

याद दिलाया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का वादा
सिविल सोसायटी के पदाधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि नवंबर 2013 में भाजपा के स्‍टार प्रचारक और पीएम पद के दावेदार के रूप में नरेंद्र मोदी ने बड़ी जनसभा की थी। उस समय उन्होंने घोषणा की थी कि अगर सरकार बनी तो आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनवाएंगे। लेकिन, ग्रीन फील्‍ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाना तो दूर 2014 से 2019 आ गया, पुराने बने सिविल एन्‍कलेव की शिफटिंग की योजना जो मनमोहन सरकार के काल में शुरू हुई थी वो भी पूरी नहीं हो सकी। श्री मोदी आगरा में खुद कह कर गये थे कि आगरा टूरिज्‍म के धंधे की संभावना वाला महानगर है। इसलिये इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां की जरूरत है। जब सिविल सोसायटी को सत्‍ता दल से जुड़े राजनीतिज्ञों के परिवारों द्वारा जेवर में बडी संख्‍या में जमीन खरीदने के साथ ही वहां ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की चर्चा शुरू होती मिली तो सोसायटी को आगरा के हित में इलहाबाद हाईकोर्ट जाने को विवश होना पड़ा। यह अत्‍यंत खर्चीला कदम है। लेकिन, केन्‍द्र के साथ ही राज्‍य सरकार के मत्रियों के 'लंदन लुकिंग-टोक्‍यो टाकिंग' किस्‍म के व्‍यवहार ने अन्‍य कोई विकल्‍प ही नहीं छोड़ा।

चार साल में कोई नीति नहीं
सिविल सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि सत्ता दल के विधानसभा में सचेतक पद को सुशोभित करने वाले विधायक को सरकार से कही ज्यादा कोर्ट की भागदौड़ करनी पड़ी। अगर विधायक सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने नहीं पहुंचते तो उनकी सरकार तो गंगाजल पाइप लाइन डलवाने की बाधा दूर करने की स्‍थिति में है नहीं। चार साल में भारत सरकार आगरा को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले ताज ट्रिपैजियम जोन को तर्क संगत ऐसी विधिक नीति तक नहीं दे सकी जिससे 'ताजमहल' के शहर में थमा हुआ विकास और काम धंधे गति पकड़ सकते।

सिविल सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी का दावा है कि आगरा के नाम पर विश्‍व बैंक, एशियाई विकास बैंक से कर्ज और बड़ी कपनियों के सीएसआर फंडों से बड़ी मात्रा में धन जरूर लिया गया है। लेकिन,महानगर के लिये भारत सरकार कुछ भी नहीं कर सकी है। नगर निगम तक बेचारगी की की स्‍थिति में है, मौजूदा मेयर ने जब से पद संभाला है लगातार टैक्‍स बढ़ा रहे हैं और नागरिक सुविधाओं को उपलब्‍ध करवाने के नाम पर धन की कमी बता रहे हैं।

अमित शाह से आग्रह
भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह से एक आग्रह जरूर करना चाहेंगे कि आगरा के विधायकों और मंडल के सांसदों को भले ही मंत्री बनाएं या नहीं। लेकिन, अपनी सदस्‍यता वाले सदनों में नागरिकों से सीधे जुड़े मुद्दे उठाये जाने के अधोषित प्रतिबंध को जरूर समाप्‍त करवा दें। श्री भोले ने बताया के धनौली के किसान विकास के लिये अपने जमीन एयरपोर्ट के लिये देने को तैयार हैं। योगीजी कानपुर में एयर कनेक्टिविटी को विकास का द्वार बता रहे हैं, लेकिन आगरा में विकास के लिये सही दिशा में कार्य करने को तैयार नहीं। प्रेस वार्ता में शिरोमणि सिंह, राजीव सक्सेना, अनिल शर्मा, किसान भोले, अभिनय प्रसाद मौजूद रहे।