
आगरा। कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा छह वर्ष के लिए निष्कासित किए गए कांग्रेसियों ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने बिना नोटिस के निष्कासन को गलत बताया साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस जन संघर्ष समिति बनाने की बात कही है। क्रांग्रेसियों ने कहा कि पार्टी में वापसी नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।
यहां लिया गया निर्णय
प्रेसवार्ता कर पूर्व कार्यवाहक शहर अध्यक्ष हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी ने कहा कि कोई समानांतर संगठन नहीं बनाया, दलालों से कांग्रेस को बचाने के लिए संघर्ष समिति बनाई है। उन्होंने साफ शब्दों मेंम कहा कि संघर्ष समिति बनाने से कोई अनुशासन भंग नहीं होता है। बिना नोटिस दिए जिस प्रकार पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है, वो गलत है। पार्टी के लिए खून पसीना बहाया है और पार्टी के लिए ईमानदारी के साथ किया है। यदि इसके बाद भी पार्टी ईमानदारी और वफादारी को नहीं मानती है, तो संघर्ष किया जाएगा।
कानून का लेंगे सहारा
वहीं संघर्ष समिति के शहर अध्यक्ष अरविंद दौनेरिया ने कहा कि पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासन एक भूल है। अगर पार्टी नेतृत्व ने इसे वापस नहीं लिया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अनुशासन समिति के सदस्य पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ल ने हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, शिल्पा दीक्षित, अरविंद दौनेरिया, पं. संजय शर्मा, भानु भदौरिया, नदीम नूर, राघवेंद्र सिंह मीनू, रमेश पहलवान, दिलीप वर्मा, केपी सिंह चंदेल, ईशू जैन, अंशुल जादौन को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया है।
Published on:
23 Nov 2019 11:39 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
