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Dev Deepawali 2018 जानिए, क्यों मनाई जाती है देव दीपावली, क्या है महत्व

देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। भगवान शिव का है इससे कनेक्शन।

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आगरा

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Amit Sharma

Nov 23, 2018

Dev Deepawali

Dev Deepawali 2018 जानिए, क्यों मनाई जाती है देव दीपावली, क्या है महत्व

देव दीपावली कार्तिक माह यानि नवंबर-दिसंबर की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। यह तिथि दीपावली के 15 दिन बाद पड़ती है। देव दीपावली का विशेष महत्व है, वैसे तो देश भर में देव दीपावली को आस्था का पर्व माना जाता है लेकिन बाबा के धाम काशी यानि वाराणसी में इस दिन अद्भुद नजारा होता है। देव दीपावली आगरा के बटेश्वर धाम में भी मनाई जाती है। बटेश्वर में यमुना के घाट पर भगवान शिव के 101 मंदिरों की श्रंखला है। यह धाम सभी तीर्थों का भांजा कहा जाता है।

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बटेश्वर बृह्मलाल के पुजारी सोमेश शास्त्री ने बताया कि तीनों लोकों में त्रिपुराशूर राक्षस का राज चलता था देवतागणों ने भगवान शिव के समक्ष त्रिपुराशूर राक्षस से उद्धार की विनती की। भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन राक्षस का वध कर उसके अत्याचारों से सभी को मुक्त कराया और त्रिपुरारि कहलाये। इससे प्रसन्न देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया था तभी से कार्तिक पूर्णिमा को देवदिवाली मनायी जाने लगी। ऐसा माना जाता है कि तबसे कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवतागण दिवाली मनाते हैं व इसी दिन देवताओं का काशी नगरी में प्रवेश हुआ था।

तुलसी पूजन का महत्व

इसीलिए काशी में देवदीपावली का विशेष महत्व है। भगवान शिव के बटेश्वर तीर्थ धाम में भी शिव जी की विशेष आरती पूजन किया जाता है तथा आसपासे आने वाले श्रद्धालु दीपक जलाकर यमुना में प्रवाहित करते हैं। इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा होने के चलते तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है। लोग घरों में तुलसी पूजन करते हैं।