
lord ganesh
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति की पूजा का विधान है। माना जाता है कि शुभ कार्य से पहले यदि गणेश भगवान की पूजा कर ली जाए तो कार्य में बाधाएं नहीं आतीं। पुराणों में गणेशजी की भक्ति से शनि ही नहीं बल्कि सभी ग्रह दोष दूर होने की बात कही गई है। यदि आपके जीवन का भी भाग्योदय नहीं हो पा रहा है, किसी भी कार्य में अड़चनें आती हैं तो गणपति की उपासना करें।
ऐसे करें पूजन
सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर बैठें। गणेश भगवान की तस्वीर या मूर्ति रखें व गणेश यंत्र की स्थापना करें। इसके बाद स्वच्छ आसन पर बैठकर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, कलावा आदि भगवान को अर्पित करें। लड्डुओं या मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद ॐ गं गणपतये नमः का 108 बार मंत्र जाप करें व आरती करें।
यदि बिगड़े काम बनाने हैं तो इस मंत्र का जाप करें
त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।
किसी भी ग्रहदशा से बचने के लिए ये जाप करें
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।
Updated on:
09 Jul 2019 05:36 pm
Published on:
09 Jul 2019 05:34 pm
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