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विदेशों में गूंजी थी इस महापौर की धमक ऐसे मिली थी निकाय चुनाव में जीत

डेंगू ने कैसे दिलाई थी भाजपा की मेयर को जीत, जानिए पूरी कहानी, अंजुला सिंह माहौर बनी थीं आगरा में मेयर, चुनाव से पहले हुआ था डेंगू

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आगरा

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Abhishek Saxena

Nov 01, 2017

nikay chunav

anjula singh mahor

आगरा। आगरा में पिछले दो दशक से अधिक समय से भाजपा का जलवा मेयर पद पर रहा है। आगरा के मेयर के पद पर एक नाम ऐसा भी है, जो विदेशों तक आगरा का नेतृत्व कर चुका है। ये नाम है भाजपा की पूर्व मेयर अंजुला सिंह माहौर का। भारतीय जनता पार्टी का आम चेहरा रहीं अंजुला सिंह माहौर ने 2008 में आगरा को ऐसे मुकाम पर पहुंचाया, जहां से आगरा को एक नई ख्याति मिली।

बसपा की प्रत्याशी को हराया था चुनाव
आगरा में निकाय चुनाव के लिए जब अंजुला सिंह माहौर को टिकट दिया गया था। तब वे पार्टी का एक बहुत ही आम चेहरा थीं। उस समय आरक्षित सीट से पार्टी ने उन्हें टिकट दिया था। उनका मुकाबला बहुजन समाज पार्टी की डॉ.रेखा कुमारी से था। उस समय बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश में सरकार थी और दलितों की राजधानी में मायावती का सिक्का चल रहा था। उनके छह विधायक आगरा से जीत कर विधानसभा में गए थे। माना जा रहा था कि इस बार भारतीय जनता पार्टी आगरा में मेयर का चुनाव नहीं जीत पाएगी। लेकिन, चुनाव प्रचार के दौरान अचानक अंजुला सिंह माहौर बीमार पड़ गईं। उन्हें डेंगू हो गया। वे पूरा चुनाव प्रचार भी नहीं कर सकीं थीं। लेकिन, आगरा की जनता ने उनका पूरा सहयोग दिया और डॉ.रेखा कुमारी को अंजुला सिंह माहौर ने 26 हजार वोटों से हराकर मेयर पद पर जीत हासिल की।

कुछ ऐसे शुरू हुआ अंजुला माहौर का सफर
अंजुला सिंह माहौर जब शहर की प्रथम नागरिक चुनीं गई थीं। तब वे एक आम ग्रहणी थीं। इसके बाद उन्होंने कई सारे काम ऐसे किए, जिससे आगरा का नाम बुलंदियों तक पहुंचा। विश्व के सात अजूबों में शामिल ताजमहल को पहला स्थान मिला। मेयर के दौरान वे मॉडलिंग में भी शामिल हुईं। वहीं उनके कार्यकाल में जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूवल मिशन में पेयजल और सीवर आदि की समस्याओं को दूर करने के लिए करीब सात सौ करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत कराया था। वहीं गंगाजल प्रोजेक्ट के लिए बारह सौ करोड़ की स्वीकृति भी उनके कार्यकाल में मिली थी। अंजुला माहौर ने मेयर के दौरान अपनी धमक विदेशों में दिखाई। साल 2008 में ताज महल को जब विश्व के सात अजूबों में शामिल गया, तब उन्हें ही पुर्तगाल में ट्रॉफी दी गई। वहीं चीन में भ्ज्ञी उन्हें आगरा का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था।