
आगरा। बघेल समाज के एक समाजवादी पार्टी के नेता एससी का प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप में चर्चा में हैं। सपा नेता सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस प्रकरण में शाहगंज पुलिस को पूरे मामले की विवेचना के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। कोर्ट में लंबित इस प्रकरण में थाना प्रभारी शाहगंज अब मुकदमा दर्ज कर विवेचना करेंगे।
आगरा में दो बार लड़ा था चुनाव
समाजवादी पार्टी के नेता पर जाति प्रमाण पत्र में गड़बड़ी का आरोप लगा है। ये नेता हैं महाराज सिंह बघेल। महाराज सिंह बघेल पर पिछड़ी जाति में आने के बाद एससी का प्रमाणपत्र बनवाने और एससी कोटे का लाभ लेने के आरोप लगाए गए थे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता मिश्रा ने तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, प्रधानाचार्य सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थाना शाहगंज को दिए हैंं साल 2012 में आगरा में हुए नगर निकाय के चुनावों में महाराज सिंह बघेल ने मेयर के लिए चुनाव लड़ा था। वहीं लोकसभा 2014 में भी समाजवादी पार्टी की टिकट पर आगरा सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय सीट अनुसूचित जाति के सदस्य के लिए आरक्षित थी और ये प्रमाण पत्र इस चुनाव में प्रयोग किया गया था।
जनता को गुमराह करने के लिए लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी के नेता महाराज सिंह धनगर ने इन आरोपों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए ये सभी आरोप लगाए गए हैं। एससी का जो प्रमाण पत्र जारी हुआ है, वो पूरी जांच पड़ताल के बाद जारी किया गया है। फर्जी या गलत तरीके से कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। ये मामला हाईकोर्ट में लंबित है और कोर्ट के समक्ष वे अपनी बात को मजबूती से रखेंगे।
ये है मामला
डॉ.अंबेडकर नगर में टेढ़ी बगिया निवासी श्याम प्रकाश बोधी ने अधिवक्ता रमेश चंद्रा के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। जिसमें कहा गया है कि भारतीय अनुसूचित जनजातिमहासभा अंबेडकर नगर ढेढ़ी बगिया के संयोक हैं। महाराज सिंह बघेल निवासी हुकमीनगर बोदला अनुसूचित जनताति की श्रेणी में नहीं हैं।
Published on:
21 Jan 2018 06:11 pm
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