
firing
आगरा। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित 11वीं की छात्रा के परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। बुधवार को देर रात छात्रा के घर के बाहर 10-12 लोगों ने फायरिंग की और फरार हो गए। इससे परिवार दहशत में आ गया। घटना के बाद पीड़िता के पिता ने एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार को जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पीड़िता के घर के बाहर दो सिपाहियों की तैनाती कर दी गई। घटना की जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की। इस पर घर के बाहर दो सिपाही तैनात कर दिए गए। इस मामले में दो आरोपी फरार चल रहे हैं। फिलहाल सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों सतेंद्र, धर्मेंद्र और हेमंत को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फायरिंग के दौरान सदस्य घर पर नहीं थे
पीड़िता के पिता के अनुसार जिस समय ये घटना हुई, उनका परिवार घर पर मौजूद नहीं था। सिर्फ किराएदार का परिवार था। तभी कुछ दबंग आए और उनके परिवार के बारे में पूछताछ की। किराएदार ने बताने से इंकार किया तो घर के बाहर फायरिंग करके वहां से चले गए। इसके बाद किराएदार ने फोन पर उन्हें घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का मुआयना किया। लेकिन पुलिस ने फायरिंग की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप
इस पूरे मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं। इनमें से एक सपा नेता का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस उनका कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। वहीं पीड़िता के पिता ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि 30 अगस्त को उनकी बेटी ने परिवार के साथ थाने पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ पुलिस को सारी कहानी बताई। उस समय पुलिस ने आरोपितों को पकड़ा, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय कुछ समय हिरासत में रखकर छोड़ दिया। इसके बाद 2 सितंबर को पीड़िता के परिजन दोबारा थाने पहुंचे। उस समय पुलिस ने उनसे बोलकर तहरीर लिखवाई और मामला दुष्कर्म के बजाय छेड़छाड़ में बदल दिया। तब से लेकर 14 अक्टूबर तक पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। जबकि आरोपितों ने छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल कर दिया था। फिलहाल पीड़िता द्वारा लगाए इन सभी आरोपों की जांच एसपी पूर्वी कर रहे हैं।
Published on:
18 Oct 2019 10:06 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
