
आगरा। डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र छात्राओं को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स की समस्या का निदान कराने के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आर पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। पिछले 15 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता अब भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
ये हैं मांग
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं जिन मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं उनमें अंकतालिकाओं की गड़बड़ियों को सही करने की मांग शामिल है। वहीं एजेंसी की ओर से आ रही दिक्कतों को समाप्त कर सभी रुके हुए पिछले परिणामों को घोषित किया जाए। विभिन्न संस्थानों में वाई-फाई की सुविधा दी जाए। पीएचडी का एग्जाम कराया जाए आदि सहित करीब 10 समस्याओं को लेकर भूख हड़ताल शुरू की है। बता दें कि एनएसयूआई कार्यकर्ता इससे पहले अपने खून से कुलाधिपति को भी पत्र लिख चुके हैं। लेकिन, अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
शुरू की भूख हड़ताल
एनएसयूआई पदाधिकारी सतीश सिकरवार का कहना है कि कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के इस रवैए से नाराज होकर भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं का कहना है जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी, वह अपने इस आंदोलन को खत्म नहीं करेंगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय के मुखिया होते हैं और सभी छात्रों के अभिभावक हैं लेकिन वह मनमानी रवैया से काम कर रहे हैं और गलत निर्णय लेते हुए कुछ स्कूलों को फायदा दे रहे हैं तो वहीं सैकड़ों हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके बावजूद भी वह छात्रों से बात करने को तैयार नहीं है जिसके चलते अब छात्र अपनी इस लड़ाई को आर पार तक की करने का मन बना चुके हैं।
नहीं हो रही है कोई सुनवाई
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि पिछले 15 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है लेकिन, कोई सुनवाई की जा रही है। कुलपति को छात्र शक्ति का एहसास कराया जाएगा। इस बार मांगों पर जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक भूख हड़ताल से नहीं हटेंगे।

Published on:
27 Mar 2018 05:27 pm
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
