1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर आपको अपने जीवन से है शिकायत तो पढ़िए ये कहानी और..

अगर आपने कभी भी अपनी जिंदगी को दूसरों की नजरों से देखा तो आप पाएंगे कि आपकी जिंदगी दूसरों से बहुत ही अच्छी है।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Amit Sharma

Jan 26, 2019

एक व्यक्ति का घर शहर से दूर एक छोटे से गाँव में था। उसके घर में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। लेकिन फिर भी वो खुश नहीं रहता था। उसे लगता था ति शहर की जिंदगी अच्छी है। इसलिए एक दिन उसने गाँव के घर को बेचकर शहर में घर लेने का फैसला किया। अगले ही दिन उसने शहर से अपने दोस्तों को बुलाया, जो रियल स्टेट में काम करता था।

उसने अपने दोस्त से कहा – तुम मेरा ये गाँव का घर बिकवा दो और मुझे शहर में एक अच्छा सा घर दिलवा दो। उसके दोस्त ने घर को देखा और कहा – तुम्हारा घर इतना सुन्दर है। तुम इसे क्यों बेचना चाहते हो। अगर तुम्हे पैसों की जरुरत है तो मैं तुम्हें कुछ पैसे से सकता हूँ। उस व्यक्ति ने कहा – नहीं नहीं मुझे पैसों की जरुरत नहीं है

मैं इस घर को बेचना चाहता हूँ क्योंकि ये शहर से बहुत दूर है। यहां पर शहर की तरह पक्की सड़कें भी नहीं है। यहाँ के रास्ते बहुत ही ऊबड़-खाबड़ हैं। यहाँ पर बहुत सारे पेड़ पौधे हैं। जब हवा चलती है तो पूरे घर में पत्ते फैल जाते हैं। ये गाँव पहाड़ों से घिरा हुआ है। अब तुम ही बताओ मैं शहर क्यों न जाऊं।

उसके दोस्त ने कहा – ठीक है। अगर तूने शहर जाने का सोच ही लिया है तो मैं जल्दी ही तुम्हारे इस घर को बिकवा दूँगा। अगले ही दिन सुबह के समय वह व्यक्ति अखबार पढ़ रहा था। उसने अखबार में एक घर का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में लिखा था- शहर की भीड़ भाड़ से दूर, पहाड़ियों से घिरा हुआ, हरियाली से भरा हुआ, ताजी हवा युक्त एक सुदर घर में बसायें अपने सपनों का घर। घर खरीदने के लिए नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें। उस व्यक्ति को विज्ञापन देखते ही घर पसंद आ गया। उसने उस घर को खरीदने का मन बनाया।

उसने जब उस नंबर पर फोन किया तो वो हैरान रह गया। क्योंकि ये विज्ञापन उसी के घर का था। यह जानकार वह ख़ुशी से झूम उठा। उसने अपने दोस्त को फोन लगाया और कहा – मैं तो पहले से ही अपने पसंद के घर में रह रहा हूँ। इसलिए तुम मेरा घर किसी को मत बेचना। मैं यही रहूंगा।

सीख

अधिकतर लोगों को अपने जीवन से शिकायत होती है। वे सोचते हैं कि उनके जीवन में दुःख ही दुःख भरे पड़े है। ऐसे लोगों को दूसरे लोगों की जिंदगी बहुत ही अच्छी लगती है। लेकिन आप ऐसा कभी भी मत करना। कुछ भी करने से पहले एक बार अपनी जिंदगी को दोस्तों की नजरों से जरूर देखना। अगर आपने कभी भी अपनी जिंदगी को दूसरों की नजरों से देखा तो आप पाएंगे कि आपकी जिंदगी दूसरों से बहुत ही अच्छी है।

प्रस्तुतिः डॉ. आरके दीक्षित, सोरों, कासगंज