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VIDEO: जया किशोरी ने कान्हा के जन्म पर सुनाया ऐसा भजन, झूम उठे भक्त, आप भी हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

श्याम सेवर परिवार द्वारा कोठी मीना बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति में झूमे श्रद्धालु, भजनों पर खूब किया नृत्य

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आगरा

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Dhirendra yadav

Sep 25, 2019

VIDEO: जया किशोरी ने कान्हा के जन्म पर सुनाया ऐसा भजन, झूम उठे भक्त, आप भी हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

VIDEO: जया किशोरी ने कान्हा के जन्म पर सुनाया ऐसा भजन, झूम उठे भक्त, आप भी हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

आगरा। भक्तिमय उत्सव। हर भक्त के मुख पर जय श्रीकृष्ण के जयकारे। उत्सव में झूमते नाचते श्रद्धालु। खुशी में बटते उपहार। मानों कोठी मीना बाजार परिसर गोकुल धाम बन गया। हजारों भक्तों से खचाखच भरे पण्डाल में दोनों हाथों को ऊपर उठाए भक्ति में डूबे श्रद्धालु गोपी और सखा का रूप लग रहे थे। कोठी मीना बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक जया किशोरी जी ने व्यासपीठ से बैठकर आज श्रीराम व श्रीकृण्ण जन्म के साथ वामन अवतार व धर्म की कथा का वर्णन किया।

विशेष रही साज सज्जा
परिसर को आज विशेष रूप से गुब्बारों से सजाया गया। कथा के साथ स्वरूपों द्वारा नाट्य मंचन हर उम्र के भक्तों को आकर्षित करता नजर आया। धर्म कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भोजन, शादी, मृत्यु और सत्संग में बदली नहीं चलती। इन चीजों का फल पाने के लिए कर्म भी आपको ही करना होगा। स्वर्ग मरने पर ही मिलता है। यदि स्वर्ग चाहिए तो पुण्य कर्मों के साथ मृत्यु को तो पाना पड़ेगा। राजा बलि व वामन अवतार की कथा में कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़, तब-तब प्रभु ने अवतार लिया। नारद मुनि व युधिष्ठर के बीच चर्चा की प्रसंग कहते हुए धर्म की कथा कहते हुए घर्म के पांच लक्षण बताए। सत्य, दया, पवित्रता, संतोष और दान।

ये रहे उपस्थित
कथा में समिति के अनिल मित्तल, अरुण मित्तल, हेमेन्द्र अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, विपिन बंसल, विशाल गोयल, विकास गोयल, संजीव अग्रवाल, पीके भाई, मनोज सिंघल, अमित अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, मनीष बंसल, अर्पित मित्तल, अनूप गोयल, मोनू सिंघल, रजत अग्रवाल, नितिन जैन, रजनीश, आकाश गुप्ता, पंकज अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

कथा में सामाजित संदेश भी दिए
आगरा। कथा वाचक जया किशोरी ने कथा के दौरान श्रद्धालुओं से सामाजिक चर्चा भी की। कहा कि बच्चों को सिर्फ कक्षा में प्रथम आने के लिए ही नहीं अच्छे कर्म और दूसरों की मददके लिए भी प्रेरित करें। जब माता-पिता साथ नहीं होते तब उनके सिखाए संस्कार बच्चों को मुसीबत से बचाते हैं और आगे बढ़ाते हैं। कहा कि दान करना हो तो किसी सुपात्र यानि जरूरतमंद लोगों को करें। तभी पुण्य मिलेगा। महिलाओं के प्रति सम्मान भाव रखने की बात करते हुए कहा कि जब आप घरकी लक्ष्मी का आदर सम्मान करेंगे तभी घर में लक्ष्मी का वास होगा।