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VIDEO: जया किशोरी ने कहा आध्यात्म के लिए घर छोड़ना जरूरी नहीं

हार या जीत जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, जीवन नहीं।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Sep 24, 2019

आगरा। हार या जीत जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, जीवन नहीं। क्या पता ईश्वर ने आपकी किस्मत में इस हार के बाद बड़ी जीत लिख रखी हो। आजकल के युवा छोटी-छोटी बातों पर इतने निराश हो जाते हैं कि जीवन तक त्याग देते हैं। ईश्वर पर भरोसा रखना सीखें। कठिनाईयों से उबरना अपने आप सीख जाएंगे। हर व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। ईश्वर पर विश्वास रखने वाले कठिन वक्त से आसानी से उबर जाते हैं। यह बात कथावाचक जया किशोरी जी ने पत्रकारों से बात करते हुई कही।

भगवान से जुड़ने के बाद बढ़ जाती ताकत
आध्यात्म के लिए जरूरी नहीं आप अपना घर छोड़ें। किसी आश्रम में रहें। मैंने अपनी सभी शिक्षा घर में रहकर ही पूरी की। युवाओं के मेक इन इंडिया या आध्याम से जुड़ने के सवाल पर कहा कि मैं युवाओं को मानसिक रूप से सुदृढ बनाने का काम कर रही हैं। भगवान से जुड़ने के बाद व्यक्ति में मुश्किलों से लड़ने की ताकत बढ जाती है।

छह वर्ष की आयु से की शुरुआत
अपना करियर शुरु करने के सवाल पर कहा कि मैंने 6 वर्ष की आयु में शुरुआत की थी। तब करियर के बारे में कुछ नहीं सोचा था। भगवान ने अपने आप रास्ता दिखाया। कोई प्लानिंग नहीं की। अब कथा के साथ मोटीवेशनल स्पीकिंग का कोई भी युवाओं के बीच कराएंगी। क्योंकि युवाओं में जीवन सम्बंधी समस्याएं, तनाव अवसाद जैसे मामले काफी बढ़ रहे हैं।