
आगरा। सिविल एन्कलेव पर इंटरनेशनल फ्लाइटें भी उपलब्ध हो सकेंगी। इन फ्लाइटों में इस्तेमाल होने वाले बोइंग और एयरबसों के लिये जरूरी 2.6 एकड़ अतिरिक्त उस जमीन को भी उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीदने को मंजूरी दे दी है, जिसको उपलब्ध कराए जाने के लिये एयरपोर्ट अथार्टी आॅफ इंडिया ने अपेक्षा की हुई थी। सिविल एन्कलेव के लिये खरीदी गई जमीन पर बाऊंड्री वाल बनाये जाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। चिन्हित 2.6 एकड़ जमीन भी इस बाऊंड्री में शामिल है। मानसून से पहले जून महीने में वाऊंड्री बनकर तैयार हो जाएगी। शासन की ओर ये प्रशासन ने एयरपोर्ट अथार्टी को पत्र लिखकर खरीदी गई जमीन अपने अधिकार में ले लेने का अनुरोध किया है। जिस पर एयरपोर्ट अथार्टी की ओर से जमीन हस्तंतरण मामलों के आधार पर अधिग्रहित जमीन को लेने के लिये अथार्टी के सक्षम अधिकारी को मुख्यालय से बुलाया गया है।
खरीदने की स्वीकृति मिल गई
सिविल सोसायटी आगरा के जनरल सैकेट्री अनिल शर्मा ने बताया कि बड़े आकार वाले हवाईजहाजों के टैक्सी कर पार्किंग के लिए ले जाए जाने को यह जमीन अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन में हुई पिछली मीटिंग में इस जमीन का मामला अधिग्रहित की जाने को प्रस्तावित अन्य जमीनों से फर्क माना गया और अंतत: इसे भी खरीदने की स्वीकृति मिल गई।
एयरपोर्ट डायरेक्टर कुसुमदास ने इस ढाई एकड़ जमीन के उपलब्ध हो जाने की पुष्टि की और कहा कि इसे सम्मलित करके ही वाऊंड्रीवाल बनाये जाने का काम लोक निर्माण विभाग के द्वारा करवाया जा रहा है। इस जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाने से एयरबस, बोइंग जैसे बड़े आकार वाले वे हवाई जहाज भी सिविल टर्मिनल की पार्किंग तक सहजता के साथ आ जा सकेंगे। इस सुविधा की सुलभता टर्मिनल को इंटरनेशनल एयरलाइंसों के ट्रैफिक के लिये अनुकूल बनाये जाने को बहुत ही जरूरी थी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि वाऊंड्रीवाल पूरी होते ही प्रस्तावित टर्मिनल के परिसर को अथार्टी अपने अधिकार में ले लेगी। एक जनकारी में उन्होंने पुष्टि की कि जब से आगरा की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के प्रयासों की जानकारी विभिन्न माध्यामों से प्रचारित होना शुरू हुई तब से ट्रेवलरों के द्वारा की जाने वाली पूछ ताछ काफी बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक लोड के बढ़ने की संभावनाओं को दृष्टिगत आगरा का सिविल एन्कलेव स्वत: ही अंतर्राष्ट्रीय महत्व के हएयरपोर्टों की सूची में स्थान ले लेगा। सुश्री दास से सिविल सोसायटी आगरा के जनरल सैकेट्री श्री अनिल शर्मा और जर्नलिस्ट राजीव सक्सेना ने मुलाकात की थी।
इंटरनेशनल कनैक्टिविटी को कटिबद्ध
सिविल सोसायटी आगरा के जनरल सैकेट्री अनिल शर्मा ने कहा है कि उनकी कोशिश आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट योजना को ही अंजाम तक पहुंचाने की है। चूंकि सरकार आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं बनाकर केवल मौजूदा सिविल एन्कलेव की शिफ्टिंग करके ही काम चलाना चाहती है, इस लिये अब उनका प्रास है कि कम से कम यह एन्कलेव इंटरनेशनल फ्लाइटों की कनेक्टिविटी वाला तो हो। उन्होंने कहा कि सब जानते है कि अधिकांश इंटरनेशनल एयरलाइंसें जम्बो जेट, एयरबसों और बोइंग हवाई जहाजों का अपने आप्रेशनों में इस्तेमाल करती हैं। तब कम से कम इन वायुयानों की सिविल टर्मिनल तक पहुंच तो संभव हो। एक जानकारी में उन्होंने कहा कि ढाई एकड़ जमीन की खरीद का मामला उप्र सरकार ने हल कर दिया यह एक उपयुक्त कदम है, अन्यथा इसे सिविल सोसायटी की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में उठाया ही हुआ था। जिसमें कि सरकार की ओर से एडवोकेट जर्नल को जबाब दाखिल करना है।
एयरकार्गो की सुविधा के लिये भी शुरू होगा प्रयास
श्री शर्मा ने कहा कि अब सिविल सोसायटी की ओर से एयरकार्गो की सुविधा के मामले पर जोर दिया जाएगा। सिविल टर्मिनल तभी आगरा के फॉरिन ट्रेडर्स और टूरिस्ट की जरूरत को पूरा कर सकता है जबकि यहां एयरकार्गों डिपो की भी सुविधा हो। एक्जिम एक्टिविटी को सरकार खुद रोजगार और फारेन करैसी को कमाने का रास्ता मानती है फिर भी एयरकार्गो की सुविधा के बारे में नहीं सोच सकी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की कंसलटैंसी कंपनी रॉयटस ने सिविल एन्कलेव की मूल योजना तैयार की है। उसे ही अंजाम दिलवाना सिविल सोसायटी का लक्ष्य है। सचिवालय और व्यवस्थापिका में विराजमान जो महानुभाव इस मूल योजना के अनुसार यूपी सरकार और एयरपोर्ट अथार्टी के बीच पब्लिक इंट्रैस्ट में हुए एमओयू को 'ऐंटी आगरा इंट्रैस्ट' में तब्दील करवाने के कारनामे कर रहे हैं उनकी पहचान को सार्वजनिक करने का काम किया जाता रहेगा।

Published on:
07 Apr 2018 12:41 pm
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