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करवाचौथ की इस रस्म के साथ सुनाई गई व्रत की प्राचीन कहानी

थाली घुमाने की रस्म के साथ सज धज कर महिलाओं ने विधविधान से साथ की पूजा अर्चना

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आगरा

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Abhishek Saxena

Oct 27, 2018

karwa chauth

करवाचौथ की इस रस्म के साथ सुनाई गई व्रत की प्राचीन कहानी

आगरा। आभूषणों की खनक, मेहंदी की महक, पायल की छनक, गजरे की खुशबू, सोलह श्रृंगार कर दुल्हन की साज सज्जा से सज धज कर महिला सखियों द्वारा करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखकर अपनी पति की दीर्घायु की कामना की गई। पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी ताजनगरी फेस दो पर महिला मंडली द्वारा सामूहिक करवा चौथ की पूजा की गई। पुरोहित इंदिरा शर्मा द्वारा सभी महिलाओं में थाली घुमाने की रस्म के साथ विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई गई।

सुनाई गई करवाचौथ व्रत कथा
करवाचौथ की व्रत कथा भी महिलाओं को सुनाई गई। एक नगर में सात भाइयों में एक बहन थी। भाइयों को बहुत प्यारी थी कार्तिक मास चतुर्थी को वह करवा चौथ का व्रत रखती है, जब उसके भाई खाने के लिए अपनी बहन को बुलाते हैं वह कहती है मैंने अपनी पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है। चांद देखने के बाद ही चांद को अर्घ देकर खाना खाऊंगी भाइयों को बहन को भूखा देखा नहीं गया। वह एक पेड़ के पीछे आग जला आते हैं और बहन को छत पर ले जाकर कहते हैं देख बहन चांद निकल आया है। वह उस पर अर्क दिलवा कर उसे जबरदस्ती व्रत खुलवा कर भोजन कराते हैं। भाइयों को झूठे व्रत खुलवाने पर बहन ने जब पहला कौर खाया तो उसमें बाल निकला दूसरा कौर में खाते ही उसकी तबीयत खराब हो जाती है, तीसरा कौर खाते ही पति का देहांत हो जाता है। भाइयों को बड़ा पछतावा होता है वह अपनी बहन से माफी मांगते हैं। वह फिर से व्रत रखवाते है विधि विधान के साथ पूजा कर चंद्रमा को अर्क देकर व्रत खोलती हैं उसका पति जीवित होता है यही सच्ची कहानी है। इसीलिए सभी सुहागने अपने पति की दीर्घायु के लिए इस करवा चौथ के व्रत को रखती हैं।

ये रहीं मौजूद
इस मौके पर मिनी छाबड़ा, शिल्पा लूथरा, चांदनी भोजवानी, निधि कपूर, रिद्धि सिद्धि, नवनीत, जया गुलाटी, लता भक्त, मीनाक्षी, चहक भोजवानी, प्रीति, मनीषा, पूजा, रोशनी यादव, संगीता चावला, पूनम आदि मौजूद थे।