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नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की…घर घर जन्मे कन्हाई

शहर से गांव तक सजी झांकियां, भक्ति कीर्तन की वही बयार, मंदिरों और घरों में कान्हा के सजाएं विग्रह
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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 04, 2018

krishana janmashtmi

नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की...घर घर जन्मे कन्हाई

आगरा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह सजाए गए। उनका श्रृंगार किया गया। मंदिरों को फूल मालाओं, गुब्बारों और बिजली की झालरों से सजाया गया। बच्चों को कृष्ण का भेष धारण कराकर मंदिरों में झांकियां प्रदर्शित की गईं। घरों में भी सुबह से साफ सफाई का दौर चला। झांकियां सजाई गईं। पकवान बनाए गए। बच्चों से लेकर बड़ों तक ने व्रत रखा। घर और मंदिरों में पूजा की छोटे बच्चों को घरों में भी कान्हा बना कर पूजा गया। शहर से गांव तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम रही। जगह-जगह झांकियां सजीं, भजन कीर्तन व भक्ति गीतों की बयार बही।

कृष्ण भक्तों ने मनाई जन्माष्टमी
ताजनगरी का वातावरण सोमवार को भक्तिमय हो उठा। श्रद्धा भाव से डूबे श्री कृष्ण भक्तों ने जन्माष्टमी मनाई। भक्ति रस में डूबे भक्तजनों की खुशियां परवान चढ़ गईं। जब आधी रात को घड़ी ने 12 बजने का संकेत दिया। तभी कान्हा के जन्म पर मंदिरों और घरों में घंटा घड़ियाल गूंज उठी। शहनाई बधाई हो बधाई के उद्घोष के साथ भक्तों ने लड्डू गोपाल को पालकी में झूला झुलाया। घरों में महिलाओं ने ढोलक की थाप पर शुभ मंगल गीत गाए। घर और मंदिरों के बाहर रात को मेले जैसा माहौल था। यहां शाम से ही भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी था। वहीं शहर में कान्हा के जन्म लेते ही लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...
हर तरफ नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की.. से वातावरण गूंज उठा। भक्त श्रीकृष्ण के बाल रूप में खो गए। पृथ्वीनाथ नाथ, पीएसी मंदिर राठौर मंदिर, तुलसी चबूतरा मनकामेश्वर, राजेश्वर मंदिर, गंगा मंदिर गुम्मट, सिकरवार मंदिर, दीवान जी का मोहल्ला, गांधीनगर रावली, कैलाश मंदिर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने योगेश्वर श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों का प्रदर्शन झांकियों के माध्यम से किया। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित हुए। छोटे बच्चों की ओर से रासलीला का गुणगान किया गया। इस दौरान भगवान कृष्ण के विग्रह स्वरूप सजाई गई तो कहीं विभिन्न स्थानों पर श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित झांकियां सजाई गईं। कहीं भगवान राक्षस का वध कर रहे हैं तो कहीं गोपियों संग रास रचा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र व आसपास के कस्बों व गांवों में बड़े धूमधाम से मनाया गया।