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#NagPanchami2019 : नाग पंचमी की जानिये क्या है पौराणिक कथा, पूजन से मिलती है कालसर्प दोष से मुक्ति, जानिये पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Nag Panchami पर नाग देव को प्रसन्न करने के लिए होता है विशेष पूजन।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Aug 01, 2019

Nag Panchami 2019

Nag Panchami 2019

आगरा। नागपंचमी (Nag Panchami) को लेकर वैसे तो बहुत कथाएं हैं, लेकिन इन सबसे अलग हटकर माना ये जाता है कि बारिश के माह में सांपों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। नागदंश की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। इन घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके और नाग देव को प्रसन्न किया जा सके, इसके लिए भी nag panchami के दिन नाग देव का पूजन किया जाता है। ये कहना है कि श्रीकैलाश महादेव मंदिर के महंत ज्ञानेश शास्त्री का।

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भगवान शिव ने धारण किए नाग देव
नौ नाग होते हैं, जो राजा होते हैं। श्रावण मास के माह में भगवान शिव की पूजा का जिस तरह विशेष महत्व होता है, नंदी की पूजा का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार नाग देव की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने इसी दिवस नाग देव को गले में धारण किया था। इसलिए श्रावण माह की इस पंचमी को नाग पंचमी कहा जाता है और इस दिन नाग देव के पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।

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नाग दोष से होते हैं मुक्त
महंत ज्ञानेश शास्त्री ने बताया कि इस दिन Nag Panchami पर नागदेव का पूजन करने से नाग दोष से मुक्ति भी मिल जाती है। इस दिन विधि-विधान से काल सर्प दोष निवारण की पूजा कराने से व्यक्ति को सर्प दोष और काल सर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है।

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नाग पंचमी शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त - 05:49 से 8:28 (5 अगस्त 2019)
पंचमी तिथि प्रारंभ - 18:48 (4 अगस्त 2019)
पंचमी तिथि समाप्ति - 15:54 (5 अगस्त 2019)

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पूजाविधि
नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इस दिन आस्था भाव से घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर नाग की आकृति बनानी चाहिए। नाग की प्रतिमा स्थापित कर फल, पुष्प के साथ पूजन कर नाग देवता को दूध चढ़ाना चाहिए।

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