25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रीय पक्षी मोर पर मंडरा रहा खतरा, रोज हो रहीं मौत

एक बंद पड़े मकान से दो मरे हुए मोर बरामद किए गए।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Dhirendra yadav

Feb 12, 2018

National bird peacock

National bird peacock

आगरा। राष्ट्रीय पक्षी मोर के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को भी एक बंद पड़े मकान से दो मरे हुए मोर बरामद किए गए। इसके बाद हरकत मे आई वन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। मोर की मौत का कारण तलाशने के लिए वन विभाग की टीम ने फसलों की जांच भी की है। साथ ही ग्रामीणों से तालाब में पानी भरने की अपील की है।

ये है मामला
थाना बसई अरेला के गांव कांकरखेडा मे मोरों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक यहां पर चार मोर मर चुके हैं वहीं तीन जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।बतादें कि रविवार को गांव के बन्द घर मे दो मोरों के शव मिले। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। तत्काल मौके पर वन विभाग पिनाहट रेंजर अशोक कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ पहुंचे और मोर के शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए कीठम भिजवा दिया। टीम के साथ फसलों में की जा रही कीटनाशक दवा के छिड़काव की जांच की और चने के खेत की भी जांच की। फसलों के सेंपल लिए, जिनकी लेब द्वारा जांच कराई जायेगी। वहीं जिस तालाब के किनारे पेड़ों पर मोर आकर बैठते हैं। उसमें पानी न होने पर ग्रामीणों से तालाब को भरने की अपील की व फसलों में कीटनाशक दवा के छिड़काव कीटनाशक जांच कराकर छिड़काव की अपील की।

चल रही जांच
प्रधान को एक लिखित पत्र दिया, जिसमें कहा कि यदि किसी ने ऐसी दवा का छिड़काव किया है जो मोर की मौत का कारण बन रही है, तो वे जल्द ही फसलों की सिंचाई करले। वहीं रेंजर पिनाहट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि सारे मामले की जांच की जा रही है जिन मोरों के शव आज मिले हैं। उनकी मौत आज नहीं हुई है। वे करीब दो सप्ताह पुराने हैं। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है। जांच कर दवा का छिड़काव करें।