
baby rani maurya
आगरा। आगरा की पहली मेयर रहीं बेबी रानी मौर्या उत्तराखंड की गर्वनर बनाई गई हैं। आगरा की वे ऐसी पहली महिला हैं जो इतने बड़े संवैधानिक पद पर आसीन होंगी। बेबी रानी मौर्या को राज्यपाल बनाए जाने के बाद अचानक से राजनीति में हलचलें तेज हो गई हैं। राजनीति में बेबी रानी मौर्या ने अपने करियर में एक बार जो ठान लिया उसे पूरा किया। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ काम करने का अनुभव भी है जो उत्तराखंड में उन्हें विशेष सहयोग करेगा।
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1995 में चुनी गईं थी महापौर
पूर्व महापौर और उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्या पहली बार राजनीति में 1995 में आईं और उन्होंने नगर निगम चुनाव लड़ा। उन्होंने पांच साल तक मेयर का पद संभाला और शहर को नई दिशा देने की कोशिश की। साल 1997 में ही वे राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रहीं। वर्तमान में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उस वक्त राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष थे। 2001 में उन्हें प्रदेश सामाजिक कल्याण बोर्ड सदस्य बनाया गया। 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य बनीं। बेबी रानी मौर्या पार्टी का शालीन चेहरा हैं। बेबीरानी मौर्या को पार्टी ने एक बार विधानसभा चुनाव में उतारा लेकिन, बसपा के उम्मीदवार नारायण सिंह सुमन से हार गईं।
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भाजपा और समर्थकों ने की तैयारियां शुरू
उत्तराखंड की नई राज्यपाल बेबीरानी मौर्या अमेरिका से गुरुवार को आगरा में पहुंचेंगी। शहर में उनके स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। पार्टी कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं कि शहर की एक महिला राज्यपाल बनी हैं। राज्यपाल बेबी रानी मौर्या के स्वागत के लिए उनके घर के आस पास सजावट की जा रही है।
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Published on:
22 Aug 2018 03:35 pm
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