2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आगरा में चार गांवों के लोग कर रहे पलायन, फिर चर्चा में क्यों आया राधा स्वामी सत्संग सभा का नाम?

UP News: यूपी की ताजनगरी में राधा स्वामी सत्संग का विवाद फिर गरमा गया है। यहां चार गांवों के लोगों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं। इसमें दबंगों के कारण घर बेचने की बात कही गई है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला...

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Vishnu Bajpai

Dec 23, 2023

radha_soami_satsang_sabha_agra.jpg

Radha Swami Satsang Sabha: उत्तर प्रदेश के आगरा में चार गांवों के लोगों ने राधा स्वामी सत्संग सभा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने अपने घरों के बाहर घर बिकाऊ होने का पोस्टर चस्पा किया है। इस पोस्टर में लिखा गया है कि दबंगों से परेशान होकर वह अपना घर बेच रहे हैं। घर बेचकर यहां से पलायन करेंगे। चार गांवों के लोगों का कहना है कि तमाम शिकायतों के बावजूद राधा स्वामी सत्संग सभा के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

दरअसल, आगरा के दयालबाग से सटे क्षेत्र में चार गांवों के लोग भूमाफिया से परेशान होकर पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर भी लगा दिए हैं। उनका कहना है कि वह सीएम से मिलकर अपनी जानमाल की सुरक्षा की मांग करेंगे। किसान नेता चौधरी भूरी सिंह ने बताया कि सिकंदरपुर, लाल गढ़ी, मनोहर पुल और नगला तल्फी के ग्रामीण और किसान राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारी जो भूमाफिया हैं। उन लोगों के कृत्यों से परेशान हो चुके हैं। राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारी लगातार उनकी जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं। अब तो उनका गांव से निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को यहां लगातार परेशान किया जा रहा है। इसलिए वह लोग यहां से पलायन करने को मजबूर हैं।


किसान नेता भूरी सिंह ने बताया कि राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों से पीड़ित ग्रामीणों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इनकी हरकतों से महिलाएं बहुत परेशान हैं। महिलाओं का कहना है कि अपना मकान बेचकर कहीं और रह लेंगे। यहां रहकर अपनी जिंदगी गुजारना मुश्किल लग रहा है। भूरी सिंह का कहना है कि जिन किसानों और ग्रामीणों की जमीनों पर जबरन ‌कब्जे किए गए हैं। प्रशासन ने आज तक उन्हें कब्जामुक्त नहीं कराया है। चौधरी भूरी सिंह ने बताया कि चार गांवों के लोग मकान बेचकर बाहर बसने का मन बना चुके हैं। दो-तीन दिन में कुछ और गांवों सहित 11 गांवों में वहां के लोग मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाएंगे। मकान बिकते ही यहां से पलायन कर जाएंगे।


पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन हमारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए कार्रवाई करे। हम लोग प्रशासन की मदद के लिए आगे आने को तैयार हैं। भूरी सिंह ने बताया कि प्रशासन और पुलिस भी मदद करने को तैयार है। शुरू में सत्संग सभा के कब्जे हटाए भी गए। लेकिन सत्संग सभा के पदाधिकारियों के बवाल के बाद प्रशासन और पुलिस भी पीछे हट गई। ऐसे में गांव वालों ने निर्णय लिया कि अब अपने मकान और दुकान बेचकर कहीं और बस जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई मदद करने को तैयार नहीं है तो गांव में रहने का क्या फायदा है।