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हाल ए प्राइमरी: योगीजी स्कूल खुलेंगे लेकिन, इन हालातों में जाएंगे बच्चे

पत्रिका अभियान, हाल ए प्राइमरी, किताबें, जूते मोजों से वंचित बच्चे बिना यूनीफॉर्म जाएंगे स्कूल, परिषदीय स्कूलों में नहीं आईं किताबें, यूनीफॉर्म, किताबें, जूते मोजे

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jul 01, 2018

primary school

योगीजी स्कूल खुलेंगे लेकिन, इन हालातों में जाएंगे बच्चे

आगरा। डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद परिषदीय विद्यालय खुल रहे हैं। बच्चे यूनीफॉर्म, किताबें और जूते मोजो के बिना स्कूल जाएंगे। इन हालातों पर पहले भी सरकार को अवगत कराया गया लेकिन, स्कूल खुलने तक सरकार ने सुध नहीं ली। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि जल्द से जल्द बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जाए।

नहीं दूर हो सकीं ये समस्याएं, सवालिया निशान
आगरा में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकारें उदासीन रही हैं। नगर क्षेत्र के 166 विद्यालयों में लगभग 225 शिक्षक और शिक्षिकाएं तैनात हैं, जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। इसके साथ जर्जर बिल्डिंग, बिजली का न होना, पीने के पानी की व्यवस्था न होना यह बहुत बड़ा सवालिया निशान नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों पर लगा हुआ है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ क्षेत्र आगरा के नगर मंत्री राजीव वर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को कई बार ज्ञापन के माध्यम से और पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई गई। लेकिन, नतीजा शून्य रहा है।

मासूम बालक शिक्षा के अधिकार से वंचित
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का सवाल है कि क्या मासूम बालकों को शिक्षा का अधिकार नहीं मिलना चाहिए? शासन और अधिकारियों को सबसे पहले परिषदीय विद्यालयों की सुध लेनी पड़ेगी। बिल्डिंग मरम्मत करानी पड़ेगी। जहां भवनहीन विद्यालय चल रहे हैं वहां भवन देने पड़ेंगे। पानी, बिजली की सुविधा देनी पड़ेगी। बच्चों के बैठने के लिए टाट पट्टी के स्थान पर बेंच होनी चाहिए। बढ़ाने के लिए स्टाफ पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए। समय पर पुस्तकें, जूते-मोजे, यूनिफॉर्म मिलने चाहिए। विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग प्रक्रिया को भी कार्यान्वित कराने के लिए शिक्षक संघ ने मुहिम छेड़ रखी है। अति शीघ्र उस पर भी कार्रवाई कराने को संघ कार्य कर रहा है। इसके साथ सबसे बड़ा प्रश्न है कि परिषदीय विद्यालयों को अनावश्यक कार्यों में क्यों लगाया जाता है। उनसे बीएलओ का कार्य, वोटर लिस्ट आदि कार्य हैं जिनमें शिक्षक मजबूरी में लगता है और पठन पाठन प्रक्रिया बाधित होती है। प्राथमिक शिक्षक संघ नगर क्षेत्र आगरा ने जिलाधिकारी से मांग की थी कि शिक्षकों को बीएलओ के कार्य से मुक्त रखा जाए। अब शिक्षक संघ एक बार फिर जिलाधिकारी से शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मिलेगा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देगा।