यहां बनाये जाएंगे बूथ
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ आर के अग्निहोत्री ने बताया कि एक भी बच्चा इस दौरान दवा पीने से वंचित न रह जाये, इसके लिए चौराहों, बस स्टैण्ड और सार्वजनिक स्थानों पर बूथ बनाये गये हैं। साथ ही 33 मोबाइल टीमों और 23 ट्ांजिट टीमें भी बनायी गयी हैं। घर-घर दवा पिलाने का काम टीम-ए करेगी। इसके बाद छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने का कार्य टीम बी के द्वारा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ट्ांजिट टीमें ईंट भट्टों और निर्माण कार्याें में लगे मजदूर परिवारों और घुमंतू परिवारों के बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी। अक्सर देखा गया है कि मजदूर वर्ग काम समाप्त होते ही अपना ठिकाना बदल देते हैं। जिसके चलते उनके परिवार के बच्चे पोलियों की खुराक पीने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि घर-घर दवा पिलाने जाने वाली टीम में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगी। इसके अलावा इस क्षेत्र में काम कर रही संस्थाएं भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगी।