
file picture of yamuna expressway
आगरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर लगातार हादसे घटित हो रहे हैं। पिछले साल ही में एक्सप्रेस वे पर पांच हजार लोगों की जान चली गई। बीते दिन हुए भीषण हादसे ने आगरा के वासियों को दहला दिया। मासूम बच्चों की स्कूल बस दुघर्टनाग्रस्त होने से दर्जनों बच्चे गंभीर घायल हो गए। वहीं एक व्यक्ति की मौत भी हुई। हादसों की कहानी के पीछे ज्योतिषाचार्य भी अपना मत रख रहे हैं। वैदिक सूत्रम के चैयरमैन और भविष्यवक्ता वास्तुविद पंडित प्रमोद गौतम ने आगरा से नोएडा जाने वाले यमुना एक्सप्रेस वे का वास्तु के अनुसार निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पूरी तरह से वास्तु दोष से ग्रसित है। यही कारण है कि पिछले छह वर्षों के दौरान हादसे में काफी संख्या में आम जनता वाहन दुर्घटनाओं के कारण इसकी चपेट में आ चुकी है।
दुर्घटनाओं के पीछे वास्तु दोष
उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे की दक्षिण दिशा की तरफ यमुना नदी बहती है, जो कि वास्तु के अनुसार शुभ नहीं है। वैदिक वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा में अग्नि का वास अर्थात मंगल ग्रह का प्रभाव होता है जो कि अग्नि का कारक ग्रह है और मंगल ग्रह को फलित ज्योतिष में अप्रत्याशित रूप से दुघर्टनाओं को अंजाम देने वाला ग्रह कहा जाता है यही कारण है कि यमुना एक्सप्रेस वे की दक्षिण दिशा में यमुना नदी अर्थात पानी का बहना शुभ नहीं है। जो कि यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते से सफर करने वालों के लिए नकारात्मक ऊर्जा को प्रस्तुत करता है। जबकि आगरा से दिल्ली का राष्ट्रीय राजमार्ग वास्तु के अनुसार यात्रा करने वालों के लिए शुभ है। यमुना एक्सप्रेस वे की तुलना में क्योंकि इस राजमार्ग से उत्तर दिशा की तरफ यमुना नदी बहती है। और उत्तर दिशा की तरफ पानी बहना शुभ माना जाता है। क्योंकि उत्तर दिशा में असंख्य दैवीय शकितयों का वास माना जाता है जो व्यक्ति की विपरीत परिस्थितियों में रक्षा करने में सक्षम होती हैं। इसलिए आगरा दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग वास्तु अनुसार यात्रा करने के लिए पूरी तरह से शुभ है व सुरक्षित है जबकि आगरा से नोएडा जाने लिए यमुना एक्सप्रेस वे पूरी तरह से वास्तु के अनुसार अशुभ है। क्योंकि इस यमुना एक्सप्रेस वे से दक्षिण दिशा अर्थात यमराज की दिशा की तरफ यमुना नदी का बहना अशुभ फल प्रदान करने वाला होता है यात्रा के लिए।
सूर्यास्त के बाद हो जाती है नकारात्मक शक्तियां प्रबल
क्योंकि सूर्यास्त के बाद यम अर्थात दक्षिण दिशा की तरफ से आने वाली नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं यही कारण है यमुना एक्सप्रेस वे पर ज्यादातर अकाल मृत्यु या अप्रत्याशित दुर्घटनाएं सूर्यास्त के बाद रात्रि में सबसे अधिक हुई हैं। वैदिक वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा में अग्नि का वास अर्थात मंगल ग्रह का प्रभाव होता है जो कि अग्नि का कारक ग्रह है।
Published on:
04 Nov 2017 06:07 pm
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