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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आए, आगरा बना ‘मिनी नागपुर’

बृज प्रांत के संघचालकों की क्लास शुरू, 24 को हजारों स्वयंसेवक करेंगे योग प्रदर्शन
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आगरा

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Bhanu Pratap Singh

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Updated: 22 Feb 2018, 9:41 AM IST

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आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत देर रात्रि आगरा आ गए। वे आरबीएस कॉलेज के इंजीनियरिंग तकनीकी परिसर बिचपुरी के छात्रावास में निवासरत हैं। संघ के सभी कार्य तीन दिन तक यहीं से संचालित होंगे। आरबीएस कॉलेज बिचपुरी के छात्रावास को अब ‘मिनी नागपुर’ भी कहा जा रहा है। संघ की सभी गतिविधियों का संचालन तीन दिन तक यहीं से होगा।

मोहन भागवत के कार्यक्रम

संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 22 फरवरी को पूरे दिन आरबीएस कॉलेज बिचपुरी छात्रावास में रहेंगे। सरसंघचालक मोहन भागवत के प्रवास स्थल बिचपुरी के आरबीएस कैम्पस के भीतरी हिस्से व आसपास के स्थानों पर गाय, गंगा, गांव और गुरु के महत्व का संदेश देती चित्रकारी की गई है। यहां पर बृज प्रांत के सभी संघचालकों के सथ बैठक करेंगे। बैठक का सिलसिला 23 फरवरी को भी चलेगा। इन बैठकों में जिला और नगरवार समीक्षा की जाएगी। संघ का प्रमुख उद्देश्य शाखा बढ़ाने पर जोर है। 23 फरवरी को प्रातःकाल दिल्ली गेट स्थित क्लीनिकल पैथालोजी सेवा का लोकार्पण करेंगे। 24 फरवरी को सुबह आठ बजे राधास्वामी मत के केन्द्र दयालबाग पहुंचेंगे। गुरु प्रोफेसर पीएस सतसंगी से भेंट करेंगे। डॉ. भागवत ने पिछली बार राधास्वामी मत के आदि केन्द्र हजूरी भवन पीपलमंडी में मत के अधिष्ठाता प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर (दादाजी महाराज) से भेंट की थी। 24 फरवरी को ही ग्राम सुनारी, शास्त्रीपुरम में सरसता संगम है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक यहीं पर रहेंगे। यहां हजारों स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।

स्वच्छता का संदेश

24 फरवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आगरा विभाग द्वारा शास्त्रीपुरम के ग्राम सुनारी में विशाल स्वयंसेवक एकत्रीकरण ‘समरसता संगम’ युवाओं को राष्ट्र के नव निर्माण, समरसता के भाव के साथ ही प्रकृति पर्यावरण के संरक्षण का भी संकल्प देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करेगा। कार्यक्रम स्थल के चारों ओर दीवारों पर प्रकृति व पर्यावरण को बचाने के संदेशों के साथ ही स्वच्छता की अलख जगाती चित्रकारी स्वयंसेवकों द्वारा की गई है। पिछले सप्ताह भर से स्वयंसेवक विभिन्न रंगों के संयोजन से चित्रकारी कर दीवारों व आसपास के स्थानों की साज सज्जा कर रहे हैं।

संतों का भोजन सुनारी में

संपूर्ण कार्यक्रम में अनुशासन व सुरक्षा की जिम्मेंदारी भी स्वयंसेवकों ने अपने हाथ में ले रखी है। इसके लिए धर्मजागरण विभाग के अनेके कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा की व्यवस्था को देखेंगे, जिससे कार्यक्रम में आने वाले संतो, मातृशक्ति व स्वयंसेवकों के साथ ही अन्य किसी भी अतिथि को असुविधा नहीं हो। सुनारी में 24 फरवरी शनिवार को होने वाले कार्यक्रम की लगभग सभी तैयारियां पूर्णता की ओर है। मुख्य मंच तैयार हो चुका है। चिन्हांकन व भगवा ध्वज लगाने के स्थान को भी निश्चित किया जा चुका है। 24 फरवरी को आने वाले संतों के भोजन आदि की व्यवस्था भी सुनारी में ही रहेगी।