
samajwadi party agra
आगरा। लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी जिला आगरा इकाई कार्यकर्ताओं को बूथ प्रबंधन के डिजिटलीकरण का पाठ पढ़ाया जा रहा है। पार्टी के कार्यकर्ताओं को बूथ कमेटियों को मोबाइल “स्मार्ट बूथ ऐप ” द्वारा ऑनलाइन फीड करने का प्रशिक्षण देना शुरू हो गया है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी आगरा के जिला संगठन ने आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए जमीनी तैयारियां शुरू कर दी है।
बूथ मैनेजमेंट
जिला अध्यक्ष रामसहाय यादव ने बताया कि ये एक सच्चाई है कि चुनाव जीतने के लिए बूथ कासही और प्रमाणिक प्रबंधन चुनाव की दिशा बदल सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी के नेता और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप प्रताप सिंह यादव ने अपनी टीम के साथ एक साल की कड़ी मेहनत कर चुनाव प्रबंधन पर एक मोबाइल एप का विकास किया। इस मोबाइल एप की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं है जो इसे बहुत प्रभावी बनाती हैं।
आॅनलाइन बूथ कमेटी
कुछ समय के लगातार प्रयासों के बावजूद भी बूथ कमेटियों की प्रमाणिकता पर प्रश्न लगते रहते थे। कभी कभी प्रदेश स्तर से फोन करके पूछा जाता था तो पता चलता था जिस व्यक्ति का नाम बूथ कमेटी में डाला गया है वो व्यक्ति बूथ पर रहने वाला ही नहीं है। पूरी बूथ कमेटियों की शिकायत आती रहती थी। लेकिन, इस मोबाइल एप को गूगल प्ले स्टोर से 'स्मार्ट बूथ' के नाम से डाउनलोड किया जा सकता है। उसके माध्यम से सभी बूथ कमेटियों को ऐप के माध्यम से आॅनलाइन फीड किया जाएगा। जिन सदस्यों के मोबाइल पर एक ओटीपी मैसेज भेजा जाएगा, सही ओटीपी को ऐप में जब डाला जाएगा तो उस सदस्य का रजिस्ट्रेशन बूथ पर हो पाएगा। जिससे फर्जी और घर पर बैठकर बूथ कमेटी बनाने वालों पर तत्काल रोक लगाई जा सकेगी।
एप को तीन स्टेज से कंट्रोल किया जा सकता है
इस ऐप को तीन स्टेज से कंट्रोल किया जा सकता है। पहला प्रदेश कार्यालय, जिला कार्यालय और विधानसभा कार्यालय, विधानसभा प्रत्याशी, ऐप से फोटो सहित बूथ कमेटी की लिस्ट बनाएई जाएगी, जिसे कभी भी डाउनलोड और शेयर किया जा सकता है। दूसरा मतदान के दिन इस ऐप के माध्यम से विधानसभा स्तर पर चुनाव के दिन यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि किस बूथ पर हमारी बूथ कमेटी के लोग पहुंचे हैं अथवा नहीं पहुंचे हैं। जिससे तुरंत कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जा सकेगा।
आॅटो उपस्थिति- यह मोबाइल ऐप जीपीएस टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसी भी रैली अया कार्यालय पर होने वाले कार्यकर्ता की स्वत: उपस्थिति दर्ज करा देगा। जिससे पार्टी को सक्रिय कार्यकर्ताओं की लिस्ट का स्वत ही पता लग जाएगा।
संपर्क के लिए- इस ऐप के माध्यम से किसी भी विधानसभा के बूथ कमेटी के सदस्यों को एक क्लिक में कोई भी सूचना दी जाए सकेगी।
इमरजेंसी सहायता- यदि कोई कार्यकर्ता किसी मुसीबत में हैं तो वह इस ऐप के माध्यम से संदेश भेजकर अपनी लोकेशन जीपीएस पर दिखाकर तुरंत सहायता मांग सकता है। यह ऐप अभी आगरा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। बाद में इसे अन्य जनपदों में भी लागू किया जा सकता है। इस ऐप का प्रशिक्षण शिविर संजय प्लेस में दिया गया।
Updated on:
12 Jun 2018 06:07 pm
Published on:
12 Jun 2018 05:17 pm
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