
आगरा। बूथ मजबूत होगा, तो चुनाव में भी जीत हासिल की जा सकती है। कुछ ऐसा ही फॉर्मूला लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछले कई चुनावों में उतरी थी और जबरदस्त जीत हासिल की थी। भाजपा की जीत और समाजवादी पार्टी की लगातार हार ने इस फॉर्मूले को साबित कर दिया है कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ माना जाता है। अब समाजवादी पार्टी बूथ को मजबूत करने में जुटी है।
बीएलओ की सूची उपलब्ध कराने के लिए मशक्कत कर रहे सपाई
पहले लोकसभा फिर विधानसभा और अब नगर निकाय चुनावों में समाजवादी पार्टी को मिली करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी ने अब 2019 में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व से मिले निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। आलाकमान का मानना है कि जिस तरह से नगर निकाय चुनाव में कई जगह समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के और समर्थकों के वोट कटते हुए नजर आए और कई जगह समाजवादी पार्टी के भूलेख समर्थक लोग वोट नहीं डाल पाए, उसे लेकर समाजवादी पार्टी आलाकमान बेहद चिंतित है। समाजवादी पार्टी आलाकमान ने जिलाध्यक्षों को निर्देशित करते हुए 20 दिसंबर तक पार्टी के बूथ अध्यक्ष और बीएलओ के नाम के साथ मोबाइल नंबर और पता लखनऊ कार्यालय को भेजने के आदेश दिए हैं। जिन पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी आलाकमान ने यह भी निर्देशित किया है कि 20 दिसंबर तक जो भी जिला अध्यक्ष बीएलओ और बूथ अध्यक्षों के नाम और रिपोर्ट तलब नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है समाजवादी पार्टी बूथ पर पर बेहद मजबूत होना चाहती है।
जुट गए सपाई
समाजवादी पार्टी के सिपाही इस काम में जुट गए हैं। बीएलओ के नाम और मोबाइल नंबर जुटाने के लिए बूथों तक दौड़ लगाई जा रही है। आगरा में करीब ढाई हजार बूथ के आसपास हैं, जिन पर सपाई भागमभाग कर रहे हैं।
Published on:
16 Dec 2017 10:58 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
