
आगरा। अध्यापक पात्रता परीक्षा 2017 (UPTET 2017) में आठ और तेरह सवालों के गलत उत्तर को लेकर शिक्षामित्रों ने याचिका दाखिल की थी। आगरा में शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष द्वारा भी इन सवालों पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जब इस बात की खबर शिक्षामित्रों को लगी, तो उनमें हर्ष की लहर दौड़ गई। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह छौंकर ने कहा कि हाईकोर्ट में TET पर जो याचिका दाखिल की गई थी, उसे स्वीकार किया गया है। उनका कहना है कि सरकार की शिक्षामित्रों को सरकारी अध्यापक बनाने की नीयत साफ नहीं है। लेकिन, शिक्षामित्र हार नहीं मानेंगे।
TET में आए सवालों पर हुआ था बड़ा विवाद
सुप्रीम कोर्ट से जब समायोजन रद हुआ, तो UP Shiksha Mitra को सरकारी अध्यापक बनने के लिए दो बार अध्यापक पात्रता परीक्षा देने के लिए मौका दिया था। भविष्य को लेकर शिक्षामित्र पिछले महीने हुई टीईटी की परीक्षा की तैयारी के लिए जुटे हुए थे। लेकिन, जब टीईटी (UP Teacher Eligibility Test) का प्रश्न पत्र आया, तो उन्हें बड़ी मायूसी हाथ लगी थी। इस प्रश्न पत्र में कुछ सवाल गलत थे। शिक्षामित्रों ने करीब 13 सवालों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन, बोर्ड ने महज दो सवाल ही मानें थे। इसके बाद शिक्षामित्र संगठन ने याचिका को हाईकोर्ट में डाला था। आगरा मंडल के विभिन्न जिलों में हजारों की संख्या में शिक्षामित्र हैं। शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट में डाली गई याचिका से भी अच्छी खबर आएगी।
रिपोर्ट 13 दिसम्बर तक पेश
वीरेंद्र सिंह छौंकर ने बताया कि UPTET 2017 परीक्षा में आठ व तेरह सवालों के गलत उत्तर को लेकर दाखिल दो याचिकाओं पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। शिक्षामित्रों ने भी याचिका दाखिल की है जिसमें कहा गया है कि जांच के बाद ही परिणाम घोषित किया जाए। बताया गया है कि यह भी आदेश दिए हैं कि विशेषज्ञों की टीम गठित करके याचिका में उठाए गए सवालों की जांच कर 14 दिसंबर को रिपोर्ट पेश की जाए। वीरेंद्र सिंह छौंकर का कहना है कि बिहार में टीईटी में हुए गलत प्रश्नों के बाद बोर्ड ने 15 समान अंक दिए थे।
Updated on:
18 Nov 2017 06:16 pm
Published on:
18 Nov 2017 10:35 am
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