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फरवरी में इन 3 दिनों के लिए ताजमहल हुआ फ्री, शाहजहां-मुमताज की असली कब्र देखने का मौका

फरवरी में तीन दिनों के लिए ताजमहल में पर्यटकों को फ्री एंट्री मिलेगी। इन दिनों में पर्यटक शाहजहां और मुमताज के असली मकबरे को देख सकते हैं। आइए आपको पूरी डिटेल बताते हैं।

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आगरा

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Sanjana Singh

Feb 05, 2024

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अगर आप आगरा घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप ताजमहल फ्री में देख सकते हैं। इसके साथ ही, आप ताजमहल के बंद तहखाने और उर्स के अवसर पर कई तरह के कार्यक्रम का भी दीदार कर सकते हैं। दरअसल, शाहजहां के 369वें उर्स के अवसर पर ताजमहल में 6 से 8 फरवरी तक सबकी एंट्री फ्री कर दी गई है। आइए जानते हैं कि ताजमहल में उर्स पर क्या-क्या कार्यक्रम होता है, लेकिन इससे पहले जानते हैं कि ‘उर्स’ किसे कहते हैं।

उर्स किसे कहते हैं?
उर्स एक अरबी भाषा का शब्द है। इसका मतलब शादी होता है। आमतौर पर किसी सूफी संत की पुण्यतिथि पर उसकी दरगाह पर सालाना आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम को ‘उर्स’ कहते हैं। ऐसे ही ताजमहल में ‘उर्स’ मुगल साम्राज्य के पांचवे बादशाह शाहजहां की पुण्यतिथि के अवसर पर हर साल आयोजित किया जाता है। आपको बता दें कि शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाया था। इसके बाद करीब 1666 में शाहजहां की मौत हो गई और उन्हें मुमताज के कब्र के पास दफन कर दिया गया था।

उर्स पर खुलता है ताजमहल का बंद तहखाना
विश्व के सात अजूबों में शामिल ताजमहल में मौजूद शाहजहां और मुमताज महल की कब्र मुख्य मकबरे में नहीं बल्कि इसके अंदर बने तहखाने में स्थित हैं। आम दिनों को कोई भी इन कब्रों तक नहीं जा सकता, लेकिन उर्स के अवसर पर कब्र का तहखाना सबके लिए खोल दिया जाता है। यानी की कोई भी पर्यटक या टूरिस्ट असली कब्रों को देख सकता है।

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IMAGE CREDIT: चादर पोशी की रस्म की पुरानी फोटो

उर्स में क्या-क्या कार्यक्रम आयोजित होते हैं?
उर्स के मौके पर ताजमहल में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पहले दिन, एक 'गुस्ल' समारोह होता है, जिसमें अलग-अलग तरह की प्रार्थना से पहले शरीर की शुद्धि की जाती है। इसके बाद अगले दिन मिलाद शरीफ, कब्रों पर चंदन लगाने की प्रथा, और कव्वाली के आयोजन की तैयारी की जाती है। आखिरी दिन, चादर पोशी की रस्म पूरी होती है। शाम को लंगर बंटता है और मुख्य मकबरे में फातिहा के साथ उर्स का समापन होता है।