पालीवाल पार्क में ताजमहोत्सव के तहत उमंग कार्यक्रम में आयोजित किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम
आगरा। भारत की परम्परा, कला और संस्कृति का एक खूबसूरत नजारा था पालीवाल पार्क में। एक और कथक, भारतनाट्यम और उड़ीसी नृत्य का फ्यूजन था तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल का लोकनृत्य पुरलिया था। भारत की विशेषता अनेकता में एकता का संदेश देते हुए विभिन्न प्रांतों के लोकनृत्य की खूबसूरत छटा। ताजमहोत्सव के तहत आयोजित उमंग कार्यक्रम का शुभारम्भ मेयर नवीन जैन व विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने दीप जलाकर किया।
गणपति वंदना की प्रस्तुति से हुई शुरूआत
सर्वप्रथम उर्वसी डांस एकेडमी द्वारा प्रथम पूज्य गणपति जी की वंदना प्रस्तुत की गई। गाइए गणपति जगवंदन, प्रथम सुमिरन... के बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर। पश्चिम बंगाल की 16 कलाकारों के समूह में वहां के लोकनृत्य पुरलिया के जरिए महिषासुर का मां दुर्गा द्वारा किए गए वध के माध्यम से बुराई के नाशवान होने का संदेश दिया। शेर पर सवार मां दुर्गा के उस भावपूर्ण व आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। वहीं भारत जोशी एंड ग्रुप ने गुजराती डांस अमे गुजराती लहरी लाल.. प्रस्तुत किया तो कथक, भारतनाट्यम और उड़ीसी नृत्य के दिव्या शर्मा एंड ग्रुप द्वारा प्र्सुत फ्यूजन को सभी ने सराहा। अतिथियों का स्वागत उमंग आयोजन समिति के प्रदीप खंडेलवाल ने किया। संचालन डॉ. मंजु गुप्ता व अनीता सहगल ने किया। मंच व्यवस्था रजनी अग्रवाल व ऋतु अग्रवाल ने सम्भाली। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीकृष्ण अग्रवाल, अजीत बंसल, कौशल गर्ग, जसवंत सिंह, आशुतोष पाठक, आर्पित माहेश्वरी उपस्थित थे। 26 फरवरी को कथक व वॉलीबुड नाइट की प्रस्तुति होगी।
सफाई की दिलाई शपथ
साफ रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हम अपने आस-पास सफाई रखेंगे तो पूरा देश स्वतः ही साफ हो जाएगा। उन्होंने आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह शहर प्रशासन का बेहतर प्रयास है, कि पूरे में ताजमहोत्सव से सम्बंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस मौके पर स्वच्छा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।