
न्यू आगरा थाना फोटो सोर्स विभाग x अकाउंट
आगरा में जमीन विवाद के एक पुराने मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए एक व्यक्ति ने खुद को मृत दिखा दिया। मामले में पुलिस की मिलीभगत की भी आशंका सामने आई है। शिकायत के बाद अब छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़ा एक अजीब मामला सामने आया है। जिसमें एक व्यक्ति ने अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए खुद को मृत घोषित करवा दिया। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी, थाने के मुंशी समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिकंदरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र के रूबी टॉवर के रहने वाले राजकुमार वर्मा ने बताया कि उनके पिता मदन गोपाल ने वर्ष 1999 में गांधीनगर की रहने वाली विद्या देवी, ताराचंद और अन्य लोगों के खिलाफ जमीन को लेकर मुकदमा दायर किया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद वर्ष 2011 में अदालत ने ताराचंद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए थे।
आरोप है कि कुर्की से बचने के लिए ताराचंद ने अपने बेटे गिरीश चंद, नगला पट्टी के रहने वाले घनश्याम दास उर्फ राजू टंडन और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश रची। इस दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी न्यू आगरा और थाने के मुंशी से कथित साठगांठ कर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराया गया और अदालत में ताराचंद के मृत होने की रिपोर्ट भेज दी गई।
शिकायतकर्ता राजकुमार वर्मा के अनुसार 5 नवंबर 2025 को उन्होंने ताराचंद को शहर में स्कूटी चलाते हुए देखा और उसकी तस्वीर ले ली। इसके बाद उन्होंने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी। बताया गया कि ताराचंद ने वर्ष 2016 में अपने नाम से स्कूटी भी खरीदी थी।
अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच की। जांच के बाद 13 जनवरी 2026 को थाना न्यू आगरा की ओर से अदालत में रिपोर्ट दी गई कि ताराचंद जीवित है। इसके बाद न्यायालय ने मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। जिसके आधार पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस पूरे प्रकरण की जांच करने में जुट गई है।
Published on:
12 Mar 2026 01:29 pm
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