डीवीवीएनएल के खिलाफ लामबंद हुए कॉन्ट्रेक्टर, देखें वीडियो

डीवीवीएनएल के खिलाफ लामबंद हुए कॉन्ट्रेक्टर, देखें वीडियो

Bhanu Pratap Singh | Publish: Sep, 08 2018 05:35:56 PM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 05:43:11 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

अधिकारियों पर शोषण का आरोप, यूपी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन बनाकर गठित की कार्यकारिणी, बड़ी कम्पनियों को खड़ा कर छोटे कॉन्ट्रेक्टरों से छीना जा रहा रोजगार

आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) में हो रहे शोषण के खिलाफ मंडल भर के कॉन्ट्रेक्टर लामबंद हो गए हैं। शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एसोसिएशन का गठन कर पहली कार्यकारिणी बनाई गई। संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में आयोजित एसोसिएशन की पहली बैठक का आयोजन कर अध्यक्ष रामेश्वर लवानिया, कोषाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी राजेश खंडेलवाल, उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह, सचिव अखिलेश दुबे को सर्वसम्मति से चुना गया। अधिकारियों पर शोषण का आरोप लगा गया। कहा गया कि बड़ी कम्पनियों को खड़ा कर छोटे कॉन्ट्रेक्टरों से रोजगार छीना जा रहा है।

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भुगतान के समत शर्तें क्यों

बैठक में आगरा, जिले के अलावा फिरोजाबाद, मथुरा व हाथरस के लगभग 60 कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कहा कि टेंडर में कम्पनियों के भाग लेने के बाद उसे बिना खोले कैंसिल कर दिया जाता है। भुगतान के वक्त ऐसी कंडीशन लगा दी जाती हैं, जो अनुबंध के वक्त नहीं होती। काम पूरा होने के 2-3 साल बाद जांच कर खामियां निकाल पेमेंट रोका जा रहा है। गुजरात की प्राइवेट कम्पनी इलेक्ट्रिक रिसर्च एंड डवलपमेंट कम्पनी जांच करती है। जिस काम का निरीक्षण डीवीवीएनल के एमडी से लेकर जेई तक किया जाता है, उसमें प्राइवेट कम्पनी का निरीक्षण क्यों?

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छोटी कंपनी बंद हो जाएंगी

मैन पॉवर सप्लाई के लिए भी प्रोपराइटर वाली छोटी संस्थाओं को अब कॉन्ट्रेक्ट नहीं मिलेगा। लिमिटेड कम्पनी का होना जरूरी है। इससे छोटी-छोटी कम्पनियां बंद हो जाएगी और कुछ बड़ी कम्पनियों की ही मनमानी चलेगी। मेन पॉवर सप्लाई का कॉन्ट्रेक्टर 90 करोड़ से बढ़कर 160 करोड़ हो गया है। आरोप लगाया कि भाजपा के राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ गया है।

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यह मांगें रखी

-टेंडर के साथ ही सभी नियमों को स्पष्ट कर दिया जाए। भुगतान के वक्त कोई नहीं कंडीशन लागू न की जाए।

-काम होते वक्त ही जांच कराई जाए। न कि काम होने के वर्षों बाद। हम खामियों को मौके पर ठीक करने के लिए तैयार हैं।

-प्राइवेट कम्पनी से जांच कराने के बजाए विभागीय अधिकारी जांच करें।ॉ

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जांच के नाम पर रोक लिया भुगतान

कुछ माह पूर्व आंधी तूफान के कारण हुई क्षति का काम को बुला बुला कर कॉन्ट्रेक्टरों से करा लिया गया। लेकिन जब भुगतान की बात आई तो जांच की बात कह दी गई। लगभग 30 कॉन्ट्रेक्टरों का पूरा भुगतान रुका हुआ है।

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ये रहे मौजूद

इस अवसर पर एसपी सिंह, वीरेन्द्र सिंह, आरपी लवानिया, राजेश खंडेलवाल, अखिलेश दुबे, रघुवीर सिंह, गोला चौहान, पंकज अग्रवाल, सईद, ऋषि, प्रवीन अग्रवाल, हरेन्द्र सिंह, उपेन्द्र दीक्षित, पवन जैन, पप्पू सेठ, आदित्य पाल सिंह, निखिल, अनराग चतुर्वेदी, विजय गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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