
आगरा। उत्तर प्रदेश के लेखपाल अपनी मांगों को लेकर धरने पर अड़े हुए हैं। तहसीलों में इस वजह से काम ठप पड़ा हुआ है। पत्रिका टीम ने एक लेखपाल से जब इस बारे में बात की, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। साथ ही बताया आखिर क्यों सरकार को लेखपाल की मांगों को पूरा करना चाहिए।
लेखपालों को भी मिले उपकरण
तहसील सदर आगरा में धरने पर बैठे लेखपाल रवि जैन ने बताया कि जब सीमा पर खड़े जवान को एके 47 दी जाती है, जिससे वह देश की सुरक्षा करे, ऐसे ही लेखपाल को भी ऐसे उपकरण दिए जाने चाहिए, जिससे वह जनता की सेवा कर सके और सरकार की योजनाओं को आसानी से ग्रामीण क्षेत्र की जनता तक पहुंचा सके और उन योजनाओं का लाभ भी दिला सके। इसमें सबसे जरूरी मांग है, लैपटॉप की।
शासन को झुकाना नहीं उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि किसान की इनकम दोगुनी हो, लेकिन मैं कहता हूं, कि किसान की इज्जत दुगनी हो। यदि कोई महिला तहसील में आती है, तो उसके लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं होती है। लेखपाल के बैठने का कोई ठिकाना नहीं होता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से तहसील में आने वाले लोग लेखपाल को खोजने में आधे से अधिक समय अपना बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य शासन को झुकाना नहीं है, बल्कि और उपर उठाना है।
Published on:
13 Jul 2018 05:21 pm
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