9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gujarat Kesar Keri Mango : बाजार में आए 50 लाख किलो केसर आम, साढ़े 37 लाख में बिके

51 दिन में सीजन हुआ पूरा

2 min read
Google source verification
Gujarat Kesar Keri Mango : बाजार में आए 50 लाख किलो केसर आम, साढ़े 37 लाख में बिके

Gujarat Kesar Keri Mango : बाजार में आए 50 लाख किलो केसर आम, साढ़े 37 लाख में बिके

राजकोट. सोरठ की शान तलाला के विख्यात केसर आम का सीजन करीबन पूरा हो गया है। गुरुवार को 960 बॉक्स की आवक हुई। 51 दिनों के सीजन के दौरान 5 लाख 5 हजार 321 बॉक्स में केसर आम बाजार में पहुंचे। एक बॉक्स में 10 किलो आम के हिसाब से किसानों को 37.50 करोड़ रुपए की आवक हुई।

तलाला से मिली जानकारी के अनुसार इस साल 34 दिन तलाला यार्ड में केसर आम का सीजन रहा। इस दौरान 5.85 लाख बॉक्स में आम की आवक हुई। इस साल 17 दिन कम आम का सीजन होने के कारण 5.05 लाख बॉक्स यानी गत वर्ष से 80 हजार बॉक्स कम आवक हुई। जानकारी के अनुसार आम के बगीचों के मालिकों को औसत 50 करोड़ रुपए की आवक हुई है। इसमें गोंडल यार्ड में भावनगर, अमरेली, बोटाद क्षेत्र से आम की आवक हुई।


तौकते चक्रवात के कारण वेरावल, कोडिनार, विसावदर, वेरावल, मालिया हाटीना, मेंदरडा, वंथली समेत क्षेत्रों में केसर आम की पैदावर पर असर हुआ। इसकी वजह से इस बार भाव में उछाल रहा और किसानों को पिछले साल से अधिक भाव मिले। मानसून के सीजन की शुरुआत से अब जामुन, खजूर की आवक होने लगी है। यह भी कमाई में तलाला के केसर आम को टक्कर देने लगे हैं।

जंगली (घुडखर) अभ्यारण्य में 15 अक्टूबर तक प्रवेश पर रोक
राजकोट. सुरेन्द्रनगर जिले में स्थित घुडखर (जंगली गधा) अभ्यारण्य 15 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। मानसून में जंगली गधों की ब्रीडिंग सीजन के कारण यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
कच्छ के छोटे रण में करीब 4954 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले अभ्यारण्य में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं।

यहां का जंगली घुडखर दुर्लभ माना गया है, जो कि विश्व भर में कहीं भी नहीं पाया जाता है। यह कच्छ के छोटे रण में बहुतायत पाया जाता है। मानसून आने की तैयारी को लेकर उप वन सरंक्षक घुडखर अभ्यारण्य ध्रांगध्रा एस एस असोडा ने बताया कि मानसून के दौरान 15 अक्टूबर तक अभ्यारण्य में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित रहेगा। अभ्यारण्य में जंगली गधों के अलावा तेंदुआ, चिंकारा, बारहसिंगा, नीलगाय, लक्कड़बग्घा, सियार, लोमड़ी आदि प्राणी निवास करते हैं। इसके अलावा सर्दियों में यहां देश-विदेश के प्रवासी पक्षी आते हैं।