2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमबीए-एमसीए में प्रवेश के लिए एक अक्टूबर तक कर सकेेंगे आवेदन

ACPC, MBA, MCA, Admission, registration, Gujarat, Covid 19, CMAT

2 min read
Google source verification
एमबीए-एमसीए में प्रवेश के लिए एक अक्टूबर तक कर सकेेंगे आवेदन

एमबीए-एमसीए में प्रवेश के लिए एक अक्टूबर तक कर सकेेंगे आवेदन

अहमदाबाद. मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए), मास्टर ऑफ कंप्यूर एप्लीकेशन (एमसीए) कोर्स में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। विद्यार्थी एक अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
गुजरात में एमबीए, एमसीए में प्रवेश के लिए कॉमन मैनेजमेंट टेस्ट (सीमेट) देना अनिवार्य है जिन विद्यार्थियों ने सीमेट दिया है। ऐसे विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस वर्ष गुजरात में एमबीए,एमसीए में १६ हजार सीटें उपलब्ध हैं। कोरोना के चलते फिलहाल राज्य के ज्यादातर विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं बाकी हैं। ऐसें में सीमेट पास लेकिन फाइनल ईयर परीक्षा देनी बाकी है ऐसे विद्यार्थी भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। मेरिट बनने के दौरान तक परिणाम आने पर उन्हें मेरिट में शामिल किया जाएगा।

स्कूल से एलसी लेकर पांच माह बाद कैसे दें प्रवेश, बोर्ड जारी करे निर्देश

अहमदाबाद. कोरोना संक्रमण के बाद से ही बंद स्कूलों के 21 सितंबर से फिर से मार्गदर्शन के लिए शुरू होने की कवायद शुरू हुई है। ऐसे में नौवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा में प्रवेश कैसे दिया जाए उसको लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग बोर्ड के सदस्य प्रियवदन कोराट ने जारी करने की मांगकी है।
कोराट ने जीएसईबी अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना संक्रमण काल में कई लोगों की नौकरी चली गई है। धंधा बंद हो गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग शहरों से गांवों में स्थानांतरित हुए हैं। कोरोना के चलते मार्च से ही स्कूल बंद हैं। पढ़ाई बंद है। ऐसे में कई अभिभावक ऐसे हैं कि जो शहरों की स्कूलों से अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ले चुके हैं, लेकिन पांच महीने बाद अभी पढ़ाई नहीं हो रही यह सोचकर किसी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। ऐसे में पांच महीने बाद सितंबर से जब स्कूल खुलेंगे तो वे गांव की स्कूल में जाएंगे ऐसे बच्चों को कैसे प्रवेश दिया जाए इसको लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं।