Ahmedabad. शहर के संवेदनशील इलाके-दरियापुर और शाहपुर में इस साल भी बीते कई सालों की तरह शुक्रवार को 148वीं रथयात्रा में साम्प्रदायिक सौहार्द, भाईचारा और हिंदू-मुस्लिम एकता का माहौल नजर आया।दरियापुर के लीमड़ी चौक और शाहपुर में दोनों जगह जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज, न्यासी महेन्द्र झा ने मुस्लिम अग्रणियों के साथ मिलकर कबूतर उड़ाए। इससे पहले यहां मुस्लिम समाज के अग्रणी लोगों ने महंत का साल ओढाकर स्वागत किया।
शाहपुर में पूर्व विधायक ग्यासुद्दीन शेख ने महंत दिलीपदास का साल ओढाकर स्वागत किया और शांति के दूत कबूतर को उड़ाया। शेख ने बताया कि 37वें साल भी स्वागत और शांति के दूत कबूतर को उड़ाने की परंपरा बरकरार रही।
हर साल की तरह इस साल भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जब दरियापुर लीमड़ी चौक पहुंची तो यहां पर स्थित बन्ने की मस्जिद को महंत दिलीपदास महाराज व जगन्नाथ मंदिर के न्यासी महेन्द्र झा ने भेंट दी। यह परंपरा इस साल भी बरकरार रही।ऑपरेशन सिंदूर को सराहा, विमान हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि
दरियापुर के लीमडी चौक में स्थानीय मुस्लिम लोगों ने जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उसके खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर को सराहा और अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने हाथों में पोस्टर लिए थे, जिसमें लिखा था कि अब हिंसा नहीं, नफरतनहीं, सिर्फ अमन, प्यार और न्याय सदभावना। अहमदाबाद विमान दुर्घटना, हम कभी नहीं भूलेंगे, भावपूर्ण श्रद्धांजलि। सभी धर्म समान नहीं हो सकते, लेकिन सभी धर्म का सम्मान जरूरी। सोफिया कुरेशी और व्योमिका सिंह की फोटो वाले पोस्टर में लिखा था….कर्म वीरों को हमारा सलाम, बुलंद है हिम्मत और हौसला इनका। जैसे संदेश लिखे हुए थे।