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ऑनलाइन चीनी वेब, एप में निवेश के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Ahmedabad, Cyber crime, investment, fraud, crime, 7 accused arrested साइबर क्राइम ने सूरत, जामनगर, मुंबई से सात आरोपियों को पकड़ा, 49 करोड़ की चपत लगाने का खुलासा

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ऑनलाइन चीनी वेब, एप में निवेश के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

ऑनलाइन चीनी वेब, एप में निवेश के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

अहमदाबाद. ऑनलाइन चीनी (चाइनीज) वेबसाइट, एप्लीकेशन में निवेश करने पर ऊंचा मुनाफा दिलाने के बहाने ठगी करने वाले शातिर गिरोह का साइबर क्राइम ने पर्दाफाश किया है। सूरत, जामनगर और मुंबई में दबिश देकर इस गिरोह से जुड़े सात आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों की ओर से 10 दिनों में ही 5.46 करोड़ और अब तक 49 करोड़ रुपए लोगों से ठगे होने का खुलासा हुआ है।
साइबर क्राइम के डीसीपी अमित वसावा ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में सूरत से यासिन कुरैशी (24), जामनगर से दिलीप गोजिया (28), धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ (42), जयेश गागिया (34), तुषार गेटिया (28), राजकोट से राहुल वाढेर (25), मुंबई से जीतेन शाह (35) को पकड़ा है।
अहमदाबाद शहर के नवा वाडज में रहने वाले बलवीर सिंह चौहान ने इस मामले में साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लिंक भेजकर चाइनीज एप, वेब में निवेश करने पर मुनाफे का लालच देकर उससे 8 हजार रुपए जमा कराए और फिर संपर्क तोड़ दिया। ऐसा करके ठगी की है।

तीन माह में 30 करोड़ हुए जमा
साइबर क्राइम की जांच में सामने आया कि इस ठगी के मामले में पकड़े गए मुंबई निवासी आरोपी जीतेन शाह (35) की कंपनी में तीन महीने में ही 30 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। इसके अलावा एक अन्य कंपनी के खाते में भी 19.69 करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

ऐसे करते संपर्क और बनाते शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों के मोबाइल नंबर पर टैक्स मैसेज भेजते। सोशल मीडिया के जरिए चैनल क्रिएट करके संपर्क करते। उसके जरिए लिंक व लुभावने ऑफर भेजते। जो व्यक्ति लालच में आकर लिंक के जरिए निवेश को राजी होता उससे पैसे लेते। वह पैसे वॉलेट में दिखाते। बोनस राशि को भी दर्शाते ताकि विश्वास बढ़े। जो व्यक्ति उसके वॉलेट से रुपए निकालने की कोशिश करता। बारबार संपर्क करता उसे पहले एरर बताते और बाद में वेबसाइट बंद कर देते थे।

मिलता एक से तीन प्रतिशत कमीशन
पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ व जांच में सामने आया कि आरोपियों को एक से तीन प्रतिशत कमीशन मिलता था। यासिन कुरैशी गिरोह अलग अलग व्यक्तियों के बैंक एकाउंट प्राप्त करके पेमेन्ट गेटवे बनाकर शीरी और सौरव नाम के व्यक्तियों को देता। खातों में जमा राशि में से एक प्रतिशत कमीशन लेकर शेष राशि दोनों को भेज देता था। इसी प्रकार से दिलीप , राहुल, तुषार एक-एक प्रतिशत कमीशन और धर्मेन्द्र, जयेश तीन-तीन प्रतिशत कमीशन लेते थे। कई पेमेन्ट गेटवे और एकाउंट का पता चला है।