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Old age marriage : जीवन की सांझ में बना रहे ‘साझी’

Gujarat hindi News: अनूठा प्लेटफार्म... - सीनियर सिटीजन के अकेलेपन को दूर करने का उठाया है बीड़ा - अधिकतम ८१ वर्ष का भी बनाया है दूल्हा

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Old age marriage : जीवन की सांझ में बना रहे 'साझी'

Nattubhai Patel

अहमदाबाद. बुजर्गु अवस्था और फिर अकेलापन। इस स्थिति में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर आगे आए एक शख्स ने ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है जिसमें बुजुर्गों को जीवन साथी चुनने और विवाह करवाने का काम किया जा रहा है। अनुबंध फाउंडेशन और बिना मूल्य अमूल्य सेवा के बैनर तले काम कर रहे व्यक्ति ने एक दो नहीं बल्कि १५० से अधिक बुजुर्ग जोड़ों को एक दूसरे का हमराही बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस प्लेटफार्म के जरिए ८१ वर्ष के बुजुर्ग की भी शादी करवाई जा चुकी है। संभवत: अपनी तरह का यह देश में पहला प्लेटफार्म है।

अहमदाबाद शहर के वासणा इलाके में रहने वाले ७० वर्षीय नटवरभाई पटेल को लोग नट्ट्ू भाई नाम से ज्यादा जानते हैं। उन्होंने अनूठा प्लेटफाम तैयार करने का उद्देश्य बुजुर्गों का अकेलापन दूर करना बताया। इस प्लेटफार्म से अब तक १५४ बुजुर्ग जोड़ों की शादी करवाई गई है। १५० से अधिक शादी कराने की एवज में उन्हें कई प्रतिष्ठित अवार्ड भी प्रदान किए जा चुके हैं।
पिछले दिनों ही वडोदरा के ७५ वर्षीय बुजुर्ग और राजकोट की ६० वर्षीय महिला को एक दूसरे का हम सफर बनाया है। हालांकि इन दोनों की शादी पूर्व में हो चुकी थी और उनकी संतानों की शादी भी हो गई। अपने पूर्व के जीवन साथियों को खो चुके (निधन होने के कारण) ये दोनों पिछले लंबे अर्से से अकेले ही रह रहे थे। भागदौड़ भरे जीवन में उनके अपने भी उन्हें समय नहीं दे पा रहे थे। अकेलेपन से ऊबकर उन्होंने अनुबंध फाउंडेशन का संपर्क किया और उसके बाद ये हमराही बन गए। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने नट्टूभाई के घर पर समाज के रीति रिवाजों से शादी कर ली।
नट्टूभाई को ऐसे मिली प्रेरणा
अनूठा काम करने वाले नट्टूभाई बताते हैं कि राज्य में वर्ष २००१ में आए विनाशक भूकंप के दौरान वे बाल-बाल बचे थे। इसके बाद से उन्होंने कुछ अच्छा करने का फैसला किया। दरअसल नट्टूभाई वर्ष २००१ में क्लास वन के अधिकारी के रूप में कच्छ जिले में नियुक्त थे। उस दौरान जिस होटल में ठहरे थे वह भूकंप के कारण धराशाई हो गई थी। भूकंप के दौरान वे उस होटल से किसी काम के लिए निकल गए थे और बच गए थे। उसके बाद से ही उन्होंने यह प्लेटफार्म तैयार किया है। वे चाहते हैं कि देश भर में बुजुर्ग अकेलापन महसूस न करें। नट््टूभाई इस प्लेटफार्म को समाज उपयोगी बताते हैं। जिसमें उनकी पत्नी शीलाबेन पटेल, पुत्र हितेश पटेल, डॉ. प्रतीक पटेल, पुत्र वधु रीना पटेल और डॉ. प्रकृति पटेल जुड़े हुए हैं।
ऐसे बनाते हैं जोड़े
देशभर में बुजुर्गों के लिए काम करने वाले नटुभाई बताते हैं कि राज्यों की राजधानी स्तर पर वे चयन मेले का आयोजन करते हैं। जिसमें शादी के इच्छुक बुजुर्ग उम्मीदवार भाग लेते हैं। कभी-कभी वे ऐसा ट्यूर भी रखते हैं जिसमें एक दूसरे को पंसद करने के लिए बुजुर्ग दो से तीन दिनों तक समूह में रहते हैं। ऐसा करने से एक दूसरे को परखने का मौका मिलता है। आगामी २६ सितम्बर को वे इसी तरह का आयोजन कोयम्बटूर में रख रहे हैं जिसमें अहमदाबाद और महाराष्ट्र से ही साठ बुजुर्ग भाग ले रहे हैं। इनमें तीस महिला बुजुर्ग और इतने ही पुरुष बुजुर्ग शामिल होने के लिए जा रहे हैं।