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अहमदाबाद महानगरपालिका बनेगी पेपरलेस, गुजरात में ऐसी पहली मनपा

डिजिटल इंडिया पहल के तहत सामान्य व विशेष बैठकें अब पूरी तरह डिजिटल होंगी प्रतिमाह 15 से 20 हजार का होता था खर्च, अब 90 प्रतिशत तक होगी कटौती

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File photo

Ahmedabad: महानगरपालिका (मनपा) ने बुधवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी सामान्य और विशेष बैठकों को पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। नियमों में संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की गई। इस कदम के साथ अहमदाबाद मनपा गुजरात की पहली ऐसी बन जाएगी, जो अपनी बैठकों में पूरी तरह डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाएगी।

गुजरात मनपा प्रावधानों के अनुसार हर माह कम से कम एक सामान्य बैठक और बजट के लिए विशेष बैठक आयोजित करनी होती है। अब तक इन बैठकों के लिए एजेंडा और नोटिस की लगभग 500 प्रतियां छपती थीं और 300 नोटिस पार्षदों के घर भेजे जाते थे। इस पर प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए प्रिंटिंग और अन्य खर्च होता था। इसमें सालाना लगभग चार लाख रुपए का खर्च आता है। अब नई व्यवस्था के तहत बैठक का एजेंडा और संबंधित दस्तावेज अब डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इन्हें ईमेल के जरिए पार्षदों को भेजा जाएगा और मनपा की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाएगा।

80 से 90 फीसदी तक होगा खर्च कम

मनपा का अनुमान है कि इस डिजिटल बदलाव से प्रिंटिंग और डाक खर्च में 80 से 90 प्रतिशत तक कमी आएगी। बचाए गए धन को शहर के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। साथ ही, पेपरलेस कार्यप्रणाली से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कागज की बचत होगी, पेड़ों की कटाई कम होगी और कार्बन फुटप्रिंट घटेगा। बैठक कक्ष में पार्षदों और अधिकारियों के लिए टैबलेट लगाए जाएंगे, जिनसे वे एजेंडा और रिकॉर्ड तक तुरंत पहुंच सकेंगे। मनपा का मानना है कि यह कदम न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देगा, बल्कि दस्तावेजों तक त्वरित पहुंच, आसान रिकॉर्ड-कीपिंग और बेहतर तैयारी से बैठकों को अधिक प्रभावी बनाएगा।