
Ahmedabad. भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर कच्छ जिले की लखपत तहसील स्थित पहले गांव पुनराजपर पहुंचे उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुरुवार को गांव के लोगों से संवाद किया। उनकी देशभक्ति और सजगता को सराहा। उन्होंने कहा कि कच्छ के ये गांव देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में वर्षों से अहम भूमिका निभा रहे हैं। गांव के लोग देश के दुश्मन को पहचानने में सक्षम हैं। भारत माता की जय के नारों के बीच गांव के लोगों ने उपमुख्यमंत्री संघवी को कच्छीपाघ पहनाकर उनका स्वागत किया।
संघवी ने ग्रामीणों को बताया कि उनके साथ राज्य के 30 आईपीएस अधिकारी भी विभिन्न सीमावर्ती गांवों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे बॉर्डर पर स्थित गांवों का शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आधारभूत सुविधाओं सहित 40 से अधिक मुद्दों पर ग्रामीणों से गहन चर्चा करेंगे, एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, उसके आधार पर जरूरी और सुविधाएं व कदम उठाए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री ने पुनराजपर को देश का प्रथम गांव और गुजरात का प्रवेशद्वार बताते हुए कहा कि इस गांव की जनसंख्या भले कम हो, लेकिन दुश्मन से लड़ने की ताकत अपार है। भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर के गांवों में विकास का अंतर साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से भारत के सरहदी गांवों में सरकार ने पानी, बिजली, स्वास्थ्य जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मन की गतिविधियों को पहचानने की क्षमता यहां के लोगों में पीढ़ी दर पीढ़ी विरासत के रूप में मौजूद है। उन्होंने अपील की कि वे सरकार के आंख-कान बनें और असामाजिक, देशविरोधी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस, सरकार को दें।
पुनराजपर गांव में उपमुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों के साथ भोजन कर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझा। भरोसा दिलाया कि कोई भी समस्या हो, खुलकर बताएं, सरकार समाधान करेगी। वे किसी होटल में ठहरने की जगह कच्छ के लोगों के पारंपरिक घर भूंगा में रात्रि विश्राम करेंगे। वे भारत-पाकिस्तान सीमा के गांवों के दो दिनों के दौरे पर हैं। उन्होंने मोटी छेर गांव, कानेर गांव के लोगों से भी संवाद किया। लखपत गुरुद्वारा में दर्शन किए। उससे पहले माता ना मढ में आशापुरा माता के दर्शन किए।
Updated on:
06 Nov 2025 10:40 pm
Published on:
06 Nov 2025 10:40 pm
