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केंद्र लाएगा नई सहकारिता नीति : शाह

अमरेली में पहली बार रविवार को आयोजित जिले की 7 सहकारी मंडलियों की सामूहिक सामान्य सभा 5 साल में बनेंगी 3 लाख सेवा सहकारी मंडलियां, दिसंबर से शुरू होगा अभियान आर्गेनिक उत्पादों का प्रमाणीकरण करने के लिए अमूल व अन्य सहकारी संस्थाओं को एकत्र कर मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाई जाएगी

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केंद्र लाएगा नई सहकारिता नीति : शाह

केंद्र लाएगा नई सहकारिता नीति : शाह

अहमदाबाद. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार नई सहकारिता नीति लाना चाहती है। इसमें अनेक प्रकार के नए क्षेत्र - स्वास्थ्य, बीमा, परिवहन, पर्यटन में भी सहकारिता की भावना से नई मंडलियों के पंजीकरण का प्रयास किया जाएगा। सहकारी नीति के साथ सहकारी यूनिवर्सिटी बनाकर सदस्यों को प्रशिक्षित करने का काम भाजपा सरकार करेगी, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 55 करोड़ रुपए अलग से आवंटित किए हैं।
अमरेली में पहली बार रविवार को आयोजित जिले की 7 सहकारी मंडलियों की सामूहिक सामान्य सभा में सहकारिता मंत्री शाह ने यह बात कही। संयुक्त सभा में हिस्सा लेने पर इन मंडलियों के पदाधिकारियों की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि देश में 65 हजार सेवा सहकारी मंडलियां हैं। 5 साल में 3 लाख सहकारी सेवा मंडलियां बनाई जाएंगीं। इसका अभियान दिसंबर से शुरू होगा। जिस दिन 3 लाख सेवा सहकारी मंडलियां पंजीकृत होंगी, उस दिन देशभर की पंचायतों में एक-एक सहकारी मंडली की रचना होगी, इनसे किसानों के कल्याण की संकल्पना पूरी होगी। इनके कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियां बनाने की योजना

शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने प्राकृतिक खेती पर जोर दिया है। इन उत्पादों से किसानों को अधिक भाव मिलेंगे। आर्गेनिक उत्पादों का प्रमाणीकरण करने के लिए अमूल व अन्य सहकारी संस्थाओं को एकत्र कर मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाई जाएगी। यह सोसायटी देश के सभी राज्यों में प्रयोगशाला बनाएगी और किसानों की मिट्टी व उपज का परीक्षण कर अमूल ऑर्गेनिक उत्पाद की छाप लगाकर किसान के खाते में सीधा लाभ जमा कराने की व्यवस्था की जाएगी। बीज के अनुसंधान, अधिक उत्पादन के लिए बीज बनाने के लिए भी मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाई जाएगी।

बनेंगे मल्टी स्टेट एक्सपोर्ट हाउस

इनके अलावा मल्टी स्टेट एक्सपोर्ट हाउस भी बनाने की योजना है। इनमें कोई भी सेवा सहकारी मंडली अपने किसानों की उपज को निर्यात कर सकेगी। इसका लाभ सीधे मंडली व किसान के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

मॉडल उप नियम जल्द

शाह ने कहा कि वैकल्पिक कर व सरचार्ज कम करने के साथ-साथ अब सरकार राष्ट्रीय सहकारी डेटा बेस बनाना चाहती है। इससे सहकारी मंडली की संख्या व गतिविधियों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र सरकार ऑनलाइन करना चाहती है। सहकारी सेवा मंडलियों में विपणन, गोदाम, गोबर गैस, बिजली कनेक्शन, गैस वितरण की नई एजेंसियों को जोडऩे, नल से जल अभियान, पीसीओ संचालन आदि के साथ बहु-उद्देश्यीय मंडलियां बनाने के मॉडल उप नियम तैयार किए जा रहे हैं। इस माह के अंत से पहले मॉडल उप नियम घोषित करने की योजना है।