
Ahmedabad. शहर में रहने वाली एक शिक्षिका को आयकर विभाग में ऑफिसर के पद पर नौकरी दिलाने के बहाने 9 लाख रुपए से ज्यादा की चपत लगाने के मामले की गुत्थी को साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार को सुलझाने का दावा किया है। ठगी में लिप्त गिरोह के मुख्य सूत्रधार को झारखंड से पकड़ा है। आरोपी का नाम अमनकुमार वर्मा (36) है। यह मूलरूप से झारखंड के धनबाद जिले के भुइफोर का रहने वाला है। फिलहाल बिहार के नालंदा में महालपर में रहता है। 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसका आठ दिन का रिमांड मंजूर किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों के जरिए लोगों से संपर्क करता। रेलवे, आयकर जैसे केन्द्र सरकार के विभागों में, स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देता। सरकारी विभागों से मिलते जुलते ईमेल आईडी बनाकर जानकारी मांगता और फर्जी कॉल लेटर, नियुक्ति पत्र भेजता। इतना ही नहीं बेंगलुरू व अन्य बड़े शहरों में नामी होटलों ट्रेनिंग के लिए बुलाता। वहां ट्रेनिंग और प्रोसेस के नाम पर पैसे लेता था।
खुद को बड़ा अधिकारी बनाकर विश्वास जीतता था। ठगी की राशि किराए पर लिए बैंक अकाउंट में जमा करवाता था। आरोपी के 15 डोमन का पता चला है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है। उसे 2023 में मुंबई सीबीआई ने ऐसे ही मामले में गिरफ्तार किया था।जांच में सामने आया कि आरोपी की ओर से उपयोग में लिए गए बैंक अकाउंट व मोबाइल में मिले बैंक अकाउंट के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर 101 शिकायतें की गई हैं।
Updated on:
27 Oct 2025 10:44 pm
Published on:
27 Oct 2025 10:44 pm
