Chhatha Puja, celebrated, across Gujarat
Chhatha Puja celebrated across Gujarat
गुजरात के विभिन्न शहरों में रहने वाले बिहार, झारखंड, यूपी और बंगाल के छठ व्रतधारियों ने सोमवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य दिया। इसके साथ ही लोकआस्था का चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो गया।
वडोदरा में बिहार सांस्कृतिक मंडल की ओर से महिसागर नदी के तट पर स्थित कोटना गांव के समीप आयोजित छठ पूजा समारोह में सोमवार सुबह चार-पांच बजे से ही व्रतधारियों के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो सूर्योदय तक जारी रहा। सूर्योदय होने का इंतजार कर रहे ये व्रतधारी काफी देर तक नदी में खड़े रहे। छठी मइया के गीतों से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। सूर्योदय होते ही सभी व्रतधारियों ने अघ्र्य प्रदान किया। इस अवसर पर लोगों ने भव्य आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। कोरोना के कारण दो वर्षों तक सार्वजनिक छठ पूजा का आयोजन नहीं होने से इस वर्ष लोगों में दोहरी खुशी देखी जा रही थी। अघ्र्य देने के बाद व्रतधारियों ने नदी के किनारे खड़े भक्तों को ठेकुआ एवं फल प्रसाद के रूप में बांटे। इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष के. के. ओझा, संयोजक विधान झा एवं डी. एन. ठाकुर सहित वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।
वडोदरा के पूर्वांचल लोकहित मंडल की ओर से कमलानगर एवं बापोद तालाब के किनारे आयोजित छठ पूजा में भी लोगों ने उगते सूर्य को अघ्र्य प्रदान किया। मंडल के अध्यक्ष डॉ यू.बी. सिंह, महासचिव राजू तिवारी, संयोजक ए. के सिंह एवं ए. के. मिश्रा उपस्थित थे।
महा छठ मंडल की ओर से हरणी तालाब के तट पर आयोजित समारोह में भी सैकड़ों व्रतधारियों ने भगवान सूर्य को अघ्र्य प्रदान कर समाज कल्याण की कामना की। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूर्वांचल लोकहित मंडल की ओर से अखण्ड अष्टयाम यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया गया था। छठ पूजा देखने के लिए अन्य प्रांतों के लोग भी नदियों एवं तालाबों के किनारे भारी संख्या में उपस्थित थे। अघ्र्य देने के बाद व्रतधारियों ने अन्न-जल ग्रहण कर पारणा किया।
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