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मुख्यमंत्री पटेल ने पंचमहाल और दाहोद जिले को दी 1100 करोड़ की सौगात

अहमदाबाद

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Rajesh Bhatnagar

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Updated: 15 Mar 2026, 10:22 PM IST

वंचितों को वरीयता : आदिवासियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सीएम का महत्वपूर्ण कदम

गोधरा. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को राज्य की पूर्वी पट्टी के दो आदिवासी जिलों - पंचमहाल और दाहोद में आदिजाति परिवारों को एक ही दिन में 1100 करोड़ रुपए की सौगात दी।

उन्होंने पंचमहाल जिले के शहेरा में आयोजित कार्यक्रम में पंचमहाल जिले में 732 करोड़ रुपए के 112 कार्यों तथा दाहोद जिले में 367 करोड़ रुपए के 1200 से अधिक कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए वंचितों को वरीयता के कार्यमंत्र के साथ आदिवासियों के सर्वांगीण विकास का विचार गुजरात में साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पंचमहाल जिले के शहेरा, गोधरा, कालोल और घोघंबा के 79 गांवों के 130 तालाबों में पानम जलाशय का पानी पहुंचाने के लिए लगभग 406 करोड़ रुपए की उद्वहन सिंचाई पाइपलाइन योजना का लोकार्पण किया। इस योजना के परिणामस्वरूप लगभग 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। पानम जलाशय से इस उद्देश्य के लिए 236 फीट ऊंचाई से पानी लिफ्ट करके 205 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन द्वारा पहुंचाया जाएगा।

पानी ही विकास का मुख्य आधार

उन्होंने कहा कि पानी को ही विकास का मुख्य आधार माना जाता है। राज्य के अंबाजी से उमरगाम तक के आदिवासी बेल्ट में अब तक 3160 करोड़ रुपए के खर्च से 11 उद्वहन सिंचाई योजनाओं द्वारा 2 लाख 23 हजार एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस वर्ष के 4 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक बजट में भी आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 485 करोड़ रुपए की व्यवस्था लिफ्ट इरिगेशन के लिए सुनिश्चित की गई है।
सीएम ने कहा कि छोटा उदेपुर, दाहोद तथा पंचमहाल जिलों में नर्मदा आधारित लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से 18 तहसीलों के 51,480 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने पंचमहाल और दाहोद जिलों में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क नेटवर्क और पानी की सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की सौगात भी दी। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित आकांक्षी जिलों में शामिल दाहोद जिले को मुख्यमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित गुजरात में नेतृत्व करने वाला इंस्पिरेशनल जिला बनने की अपील की।