
अमरीकी और कनाडा के लोगों को ठगने वाले दो कॉल सेंटर का पर्दाफाश, ५३ गिरफ्तार
अहमदाबाद. शहर में एक बार फिर से कॉल सेंटर संचालकों के अड्डा जमाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साइबर क्राइम ने बीते तीन दिनों में लगातार तीन कॉल सेंटरों का पर्दाफाश करते हुए तीन दिनों में शहर से चार कॉल सेंटर पकड़े गए हैं। बुधवार को साइबर क्राइम और सोला पुलिस ने सरखेज गांधीनगर हाईवे और सोला इलाके में दो फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए ५३ आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉल सेंटरों के जरिए अमरीकी और कनाडा के लोगों को सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्र्रेशन अधिकारी बनकर और इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डरा धमकाकर रुपए ऐंठे जा रहे होने का खुलासा हुआ है।
साइबर क्राइम को सूचना मिली थी कि सरखेज गांधीनगर हाईवे पर गोयल पलेडियम इमारत में हर्षिल रावल व विशाल पंड्या नाम के दो युवकों की ओर से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर बुधवार को दबिश देकर साइबर क्राइम ने मौके से 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसमें कॉल सेंटर का मुख्य मैनेजर रोहन चौहान (२६), टीम लीडर हिरेन पंचोली (२९) व अन्य शामिल हैं।
आरोपी खुद को अमरीका सोशियल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (एसएसए) अधिकारी बनकर फोन करते उन्हें धमकाते कि उन्हें एक किराए का वाहन मिला है, जो तुम्हारे नाम पर पंजीकृत है। उसमें रक्त के दाग मिले हैं साथ ही अफीम भी मिला है। इसके चलते तुम्हारा एसएस कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा। जांच में मदद करने के बहाने से और उनका सहयोग करने पर एसएस कार्ड ब्लॉक नहीं करने का झांसा देकर उनके पास से उनकी बैंक की डिटेल व अन्य जानकारी ले लेते फिर उसे सिक्योर करने के लिए उनसे गुगल कार्ड खरीदवाकर उनका नंबर जानकर रुपए ऐंठते थे।
साइबर क्राइम ने मौके से २६ सीपीायू, सात लैपटॉप, तीन राउटर, लिखित स्क्रिप्ट के पांच पृष्ठ, ३५ मोबाइल फोन सहित पौने सात लाख रुपए का मुद्दामाल जब्त किया है।
मुख्य मैनेजर को ७० हजार जबकि टीम लीडर को ५० हजार रुपए महीने वेतन मिलता था। जबकि कॉलर को दस से 20 हजार रुपए जितना वेतन मिलता होने की बात सामने आई है। हर्षिल व विशाल फरार हैं।
उधर सोला पुलिस ने भी बुधवार रात को बागबान बार्टी प्लॉट के पास अर्थ एसेंस इमारत में दबिश देकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया। यह सभी यहां फर्जी कॉल सेंटर चलाकर कनाडा के लोगों को कनाडा रेवन्यु एजेंसी (सीआरए) के अधिकारी बनकर उन्हें धमकाते कि तुम्हारे नाम पर टैक्स के रुपए बकाया हैं। उस टैक्स की राशि बकाया मामले में कार्रवाई नहीं करने और मामले का निपटारा करने के नाम पर रुपए ऐंठ रहे थे। मौके से २९ लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 14 छोटे-बड़े वाहन सहित कुल १३.८६ लाख रुपए का मुद्दामाल बरामद किया है।
यहां पर मयूर मांगोलिया, हितेश ठक्कर मिलकर, भरत त्रिवेदी व अन्य लोगों के साथ मिलकर कॉल सेंटर चला रहे थे। मौके से 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें भरत त्रिवेदी कॉल सेंटर का मैनेजर भी शामिल है।
Published on:
07 Feb 2019 09:55 pm
