
देश की हर पंचायत में बनेगी सहकारी मंडली: अमित शाह
अहमदाबाद/जूनागढ़. केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तय किया है कि देश की हर पंचायत में कोऑपरेटिव सेवा सहकारी मंडली बनाई जाएगी। इतना ही नहीं, सेवा सहकारी मंडली, डेयरी और मत्स्य उत्पादन मंडली ये तीनों एक ही प्रकार की सोसायटी के रूप में रजिस्टर्ड करने की व्यवस्था की गई है।
यह बात उन्होंने रविवार को जूनागढ़ में जिला बैंक मुख्यालय के शिलान्यास एवं कृषि शिविर में एपीएमसी किसान भवन के उद्घाटन समारोह में कही।शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय स्तर की तीन मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी की स्थापना की है। तीन सोसायटी में से दो गुजरात के किसानों के लिए उपयोगी है। इनमें से एक सोसायटी के तहत प्राकृतिक कृषि करने वाले सभी किसानों के उत्पाद अमूल के पेटेंट के अंतर्गत लिए जाएंगे। उसका मुनाफा सीधा किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
कोई भी किसान अपने उत्पाद का निर्यात कर सकेगाशाह ने कहा कि किसानों की फसल उत्पाद के निर्यात के लिए भी एक मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से देश के किसी भी राज्य का किसान अपने उत्पाद का निर्यात देश व विदेश में कर सकेगा। इसके लिए ये सोसायटी निर्यात भवन की तरह सेवा देगी। इसका लाभ सीधा किसान के बैंक खाते में आ जाएगा।
शाह ने कहा कि सहकारिता से ही किसानों को कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। भारत सरकार की सभी योजनाएं सहकारिता का मज़बूत स्ट्रक्चर होने से किसानों तक पहुंचनी शुरू हो जाएंगी।
10 सालों में किसानों की आय कई गुणा बढ़ाने को प्रतिबद्धउन्होंने कहा कि मोदी सरकार आने वाले 10 सालों में देश के किसानों की आय को दोगुना नहीं, बल्कि अनेक गुना बढ़ाने के प्रति कटिबद्ध है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक नई शुरूआत की है। जैसे, किसान क्रेडिट कार्ड, एफपीओ, कृषि सिंचाई योजना, एमएसपी पर सबसे ज्यादा खरीदी शामिल है।
प्राकृतिक खेती धरती की सेवा का विकल्प
शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती आने वाले दिनों में धरती माता की सेवा करने का एकमात्र विकल्प बचेगा क्योंकि लगातार डीएपी और यूरिया का उपयोग होने से 25 सालों बाद यह धरती कंक्रीट जैसी हो जाएगी। यही वजह है कि पीएम मोदी देश भर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। जिससे अब लाखों किसान इसे अपना रहे हैं। उन्हें इसका फायदा भी मिल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसान भाइयों और बहनों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से मुलाकात करें और इसे अपनाएं।
Published on:
19 Mar 2023 10:32 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
