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Ahmedabad: डिस्पोजल बैग का ठेका दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

मास्टरमाइंड आरोपी राजस्थान के अलवर जिले का, दूसरा आरोपी मध्य प्रदेश के भिंड और तीसरा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का है मूल निवासी, साइबर क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को पकड़ा, फर्जी आइडी कार्ड, टेंडर और परचेज ऑर्डर भेजकर बनाया शिकार
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Cyber crime branch

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. शहर स्थित सिविल अस्पताल में डिस्पोजेबल बैग का ठेका दिलाने का झांसा देकर 9.60 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में शहर में कुबेरनगर के राहुल शर्मा (29) व अमन कुशवाहा और हंसपुरा का विपुल सिंह तोमर (30) शामिल है। शर्मा मूलरूप से राजस्थान के अलवर जिले के कोलाडा गांव का है जबकि कुशवाहा मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मेंहगांव का मूल निवासी है। वहीं तोमर उत्तरप्रदेश के मैनपुरी जिले की करहल तहसील के पतारा गांव का रहने वाला है।

साइबर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर इन तीन आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों ने सिविल अस्पताल और अहमदाबाद महानगरपालिका (एएमसी) के अधिकारियों के नाम पर बातचीत कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता। इन सभी ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल के कर्मचारी होने का फर्जी पहचान पत्र, फर्जी टेंडर फॉर्म, फर्जी परचेज ऑर्डर और अन्य दस्तावेज तैयार कर भेजे। इसके साथ ही जेइडी सर्टिफिकेट, सीपीसीपी सर्टिफिकेट, जीईएम पोर्टल पर ओईएम सर्टिफिकेट और एनएसआइसी सर्टिफिकेट बनवाने समेत विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर 9.60 लाख रुपए वसूल कर साइबर ठगी की। यह ठगी 22 जून से 27 जुलाई के दौरान हुई। इस संबंध में कंपनी संचालक सौरभ भाग्योदय ने साइबर क्राइम ब्रांच में प्राथमिकी दर्ज कराई।

एआइ से तैयार किए फर्जी दस्तावेज

जांच में सामने आया कि राहुल गिरोह का मास्टरमाइंड था। उसने फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एआइ की मदद से सिविल अस्पताल अहमदाबाद के फर्जी लेटरहेड, सील और हस्ताक्षर वाले फर्जी दस्तावेज तैयार किए। राहुल ने ही 'राजेश रावल' बनकर शिकायतकर्ता से संपर्क किया, जबकि अमन ने अहमदाबाद मनपा अधिकारी 'शैलेष सिंह' बनकर बातचीत की थी। विपुल ने अपने बैंक खाते के जरिए ठगी की रकम निकालकर अमन के जरिए राहुल तक पहुंचाई।

चांगोदर थाने में भी दर्ज है मामला

जांच में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर पता चला कि इनके विरुद्ध चांगोदर थाने में भी साइबर ठगी का मामला दर्ज है। इसमें चांगोदर के एक व्यक्ति को इसी तरह 18.31 लाख रुपए की चपत लगाने का आरोप है। इस मामले में भी आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। साथ ही अन्य लोगों से भी 5 लाख रुपए की ठगी करने की बात सामने आई है।