
एआइ फोटो
गुजरात वर्ष 2025 में ब्रेन डेड या मृत (डीसिज्ड) दाताओं से अंग प्रत्यारोपण के मामले में देश में चौथे स्थान पर रहा। गुजरात से आगे तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक रहे। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो) के 2025 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मृत दाताओं से प्रत्यारोपित अंगों के मामले में तमिलनाडु 804 के साथ पहले स्थान पर है। तेलंगाना 601 के साथ दूसरे और कर्नाटक 575 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। गुजरात के बाद महाराष्ट्र 422 अंगों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। देश में पहली बार 2025 में 20 हजार से अधिक अंग प्रत्यारोपण हुए, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी ट्रांसप्लांट व्यवस्था के विस्तार को दर्शाता है।
गुजरात में वर्ष 2025 के दौरान 152 लोगों को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उनके परिवारों ने अंगदान का निर्णय लिया। इनसे कुल 456 अंग प्राप्त हुए। एक मृत दाता से चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त होने पर कई अंग दूसरे मरीजों के प्रत्यारोपण में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। नोट्टो के अनुसार, ब्रेन-स्टेम डेथ के बाद किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े, आंत और पैंक्रियाज जैसे अंग दान किए जा सकते हैं।
आंकड़ों के अनुसार गुजरात में वर्ष 2025 के दौरान जीवित और मृत दाताओं को मिलाकर कुल 1379 अंग प्रत्यारोपण किए गए। इनमें 1099 किडनी, 229 लिवर और 36 हृदय प्रत्यारोपण शामिल हैं। किडनी प्रत्यारोपण में गुजरात देश में पांचवें, लिवर प्रत्यारोपण में सातवें और हृदय प्रत्यारोपण में तीसरे स्थान पर रहा। राज्य में वर्तमान में 36 अंग प्रत्यारोपण केंद्र (ओटीसी) तथा 103 गैर-प्रत्यारोपण अंग प्राप्ति केंद्र (एनटीओआरसी) कार्यरत हैं, जिनकी वजह से अंगदान से लेकर प्रत्यारोपण तक की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी है।राज्य में देश में पांचवें सर्वाधिक ओटीसी और सर्वाधिक एनटीओआरसी कार्यरत हैं।
देश में वर्ष 2025 के दौरान पहली बार 20 हजार से अधिक अंग प्रत्यारोपण दर्ज किए गए, जो अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग अंगदान के प्रति जागरूक होंगे और परिवार इस विषय पर पहले से चर्चा करेंगे तो भविष्य में हजारों मरीजों को समय पर जीवनदान मिल सकेगा।विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन डेड व्यक्ति के किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और आंत जैसे कई अंग दूसरे मरीजों के प्रत्यारोपण में उपयोग किए जा सकते हैं। एक मृत दाता कई लोगों को नया जीवन देने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी परिजनों की सहमति होती है। यह उपलब्धि बताती है कि राज्य में अंगदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है और समाज जीवन बचाने के इस महादान को अपनाने लगा है।
रैंक राज्य अंग प्रत्यारोपण
1 तमिलनाडु 804
2 तेलंगाना 601
3. कर्नाटक 575
4 गुजरात 456
5. महाराष्ट्र 422
1 तमिलनाडु 2662 तेलंगाना 205
3 कर्नाटक 198
4 महाराष्ट्र 154
5 गुजरात 152
Updated on:
04 Aug 2026 10:50 pm
Published on:
04 Aug 2026 10:50 pm
