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Chandipura virus: 2 बच्चों की मौत के बाद पाटण में चांदीपुरा वायरस का एक और मामला, 7 साल की मासूम ICU में भर्ती

Chandipura virus News: पाटण जिले में चांदीपुरा वायरस का एक और मामला सामने आया है। संखारी गांव की 7 वर्षीय बालिका की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या चार हो गई है।
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अहमदाबाद

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Rakesh Mishra

•

Updated: 3 Aug 2026, 5:22 PM IST

Chandipura virus

सैंड फ्लाई। फाइल फोटो- पत्रिका

पाटण। जिले में चांदीपुरा वायरस का एक और मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जिले में इससे पहले चांदीपुरा वायरस के कारण दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि समी तहसील के एक बच्चे का इलाज चल रहा है। इसी बीच पाटण तहसील के संखारी गांव के मोहनपुरा क्षेत्र में रहने वाली 7 वर्षीय बालिका की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिले में कुल मरीजों की संख्या चार हो गई।

मिर्गी के दौरे आए

जानकारी के अनुसार, संखारी गांव के मोहनपुरा क्षेत्र में रहने वाली 7 वर्षीय बालिका को अचानक तेज ठंड लगना, उल्टी, दस्त और मिर्गी के दौरे पड़ने की शिकायतें होने पर परिजनों ने उसे तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन तक इलाज के बाद चिकित्सकों को चांदीपुरा वायरस की आशंका होने पर उसे धारपुर सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। धारपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराने के अस्पताल की ओर से भेजे गए रक्त के सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बालिका का फिलहाल इलाज जारी है।

सर्विलांस अभियान आरंभ

बालिका में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम संखारी गांव के मोहनपुरा क्षेत्र में पहुंची। टीम ने दवा का छिड़काव, डस्टिंग पाउडर का प्रयोग और सर्विलांस अभियान शुरू किया। पाटण तहसील पंचायत अध्यक्ष और संखारी गांव के सरपंच ने भी मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की समीक्षा की।

साफ-सफाई की अपील

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कच्ची दीवारें, घरों के आसपास फैली गंदगी तथा पशुओं को रखने वाले स्थानों पर सैंड फ्लाई (रेती मक्खी) जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ने से चांदीपुरा वायरस फैलने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से कच्ची दीवारों पर पक्का प्लास्टर कराने, आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त या मिर्गी के दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की अपील की।

बच्चों को प्रभावित करता है वायरस

आपको बता दें कि चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से फ्लेबोटोमाइन सैंड फ्लाई यानी रेती मक्खी की कुछ प्रजातियों के जरिए फैलता है। यह वायरस खासतौर पर बच्चों को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। सैंड फ्लाई के काटने के बाद वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, दौरे पड़ना, बेहोशी और मानसिक स्थिति में बदलाव शामिल हो सकते हैं। यह वायरस पहली बार महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में पहचाना गया था, इसी वजह से इसका नाम चांदीपुरा वायरस पड़ा। इसके प्रसार को रोकने के लिए रेती मक्खियों से बचाव, साफ-सफाई और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।