स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कच्ची दीवारें, घरों के आसपास फैली गंदगी तथा पशुओं को रखने वाले स्थानों पर सैंड फ्लाई (रेती मक्खी) जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ने से चांदीपुरा वायरस फैलने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से कच्ची दीवारों पर पक्का प्लास्टर कराने, आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त या मिर्गी के दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की अपील की।