24 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस से 2 बच्चियों की मौत की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानिए क्या हैं लक्षण?

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस से डूंगरपुर और सिरोही की दो मासूम बच्चियों की मौत की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज गुजरात के अस्पतालों में चल रहा था। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे, स्क्रीनिंग और कीटनाशक स्प्रे अभियान तेज कर दिया गया है।
2 min read
Google source verification
Rajasthan Confirms 2 Chandipura Virus Deaths in Children

राजस्थान में चांदीपुरा वायरस से 2 बच्चियों की मौत की पुष्टि (फोटो-एआई)

डूंगरपुर/सिरोही: राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के संक्रमण के चलते दो मासूम बच्चियों की मौत का दुखद मामला सामने आया है। दोनों ही बच्चियों का इलाज गुजरात के अस्पतालों में चल रहा था। जहां जांच रिपोर्ट आने के बाद चांदीपुरा वायरस की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद से ही राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रभावित जिलों में सघन निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है।

डूंगरपुर और सिरोही की मासूमों ने गंवाई जान

पहली घटना डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक स्थित रतनपुरा गांव की है। यहां रहने वाली 6 वर्षीय बच्ची 12 जुलाई को अचानक बीमार हो गई थी। परिजनों ने 13 जुलाई को उसे पहले सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में दिखाया, जहां से स्थिति बिगड़ने पर उसे गुजरात के मेघरज और मोडासा के निजी अस्पतालों में ले जाया गया। आखिरकार 14 जुलाई को उसे हिम्मतनगर के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

डॉक्टरों ने बच्ची में चांदीपुरा वायरस के लक्षण देखकर उसी दिन सैंपल जांच के लिए भेजे थे। लेकिन 15 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 23 जुलाई को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर से आई जांच रिपोर्ट में बच्ची के चांदीपुरा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।

इसी तरह, दूसरा मामला सिरोही जिले का है। सिरोही के सीएमएचओ ने पुष्टि की है कि जिले की एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची, जिसका इलाज गुजरात के बनासकांठा स्थित अस्पताल में चल रहा था, उसकी भी चांदीपुरा वायरस की वजह से मौत हो गई है।

प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे और स्प्रे अभियान

डूंगरपुर के सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तुरंत रतनपुरा गांव में 75 से अधिक घरों का सर्वे किया और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। राहत की बात यह रही कि फिलहाल वहां कोई अन्य संदिग्ध मामला नहीं मिला है।

वहीं, सिरोही, उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में 15 साल तक के बच्चों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीमें घर-घर और स्कूलों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। यह वायरस मुख्य रूप से रेत की मक्खी (सैंडफ्लाई) और कीटों के काटने से फैलता है जो मवेशियों के आसपास पाए जाते हैं। इसके चलते पशुपालन विभाग की मदद से मवेशियों की जांच की जा रही है और कीटनाशक स्प्रे करवाया जा रहा है।

क्या हैं चांदीपुरा वायरस के लक्षण?

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस 15 साल तक के बच्चों को तेजी से अपना शिकार बनाता है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं।

  • अचानक तेज बुखार आना
  • लगातार उल्टी होना
  • दौरे (मिर्गी जैसे झटके) पड़ना
  • सुस्ती, बेहोशी या होश में बदलाव होना
  • यह बीमारी 'एक्यूट एन्सेफलाइटिस' (दिमागी बुखार) की तरह शरीर पर असर करती है और समय पर इलाज न मिलने पर बेहद घातक साबित होती है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि बच्चों में तेज बुखार, उल्टी या अचेत होने जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। घबराने के बजाय सतर्कता और समय पर इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।