वहीं, सिरोही, उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में 15 साल तक के बच्चों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीमें घर-घर और स्कूलों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। यह वायरस मुख्य रूप से रेत की मक्खी (सैंडफ्लाई) और कीटों के काटने से फैलता है जो मवेशियों के आसपास पाए जाते हैं। इसके चलते पशुपालन विभाग की मदद से मवेशियों की जांच की जा रही है और कीटनाशक स्प्रे करवाया जा रहा है।