23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Dungarpur: 3000 की रिश्वत लेता वीडीओ रंगे हाथ गिरफ्तार, बिल पास करने की एवज में मांग रहा था घूस

डूंगरपुर जिले में गुरुवार को एसीबी ने ग्राम पंचायत फलातेड के ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को टेंट का बिल पास करने की एवज में 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पहले 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था, लेकिन सत्यापन के दौरान 3 हजार रुपए लेने पर सहमत हुआ।
2 min read
Google source verification
Dungarpur ACB Trap

Dungarpur ACB Trap: एसीबी की गिरफ्त में आरोपी वीडीओ (फोटो-पत्रिका)

डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई लगातार जारी है। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत फलातेड के ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) राजेन्द्र कुमार डामोर को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी टेंट हाउस संचालक के बकाया बिल का भुगतान कराने के बदले रिश्वत मांग रहा था।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि परिवादी जगदीश डामोर ने ब्यूरो को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनका टेंट हाउस का व्यवसाय है। उन्होंने ग्राम पंचायत फलातेड में 6 मई 2026 और 7 जुलाई 2026 को आयोजित प्रशासन गांवों के संग शिविर के लिए ग्राम विकास अधिकारी के कहने पर टेंट की व्यवस्था की थी।

टेंट का बिल पास करने के लिए मांगी रिश्वत

दोनों कार्यक्रमों के लिए क्रमशः 4 हजार रुपए और 10,100 रुपए के बिल बने थे। इस प्रकार कुल 14,100 रुपए का भुगतान ग्राम पंचायत से होना था। परिवादी ने भुगतान के लिए बिल ग्राम विकास अधिकारी को प्रस्तुत किए, लेकिन आरोपी ने बिल पास करने के बदले 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर दी।

जांच के बाद एसीबी ने की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन प्रक्रिया में आरोपी 5 हजार रुपए की बजाय 3 हजार रुपए लेने पर सहमत हो गया। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

3 हजार में तय हुआ सौदा

उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह जैन के नेतृत्व में एसीबी डूंगरपुर की टीम ने गुरुवार को जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने परिवादी से 3 हजार रुपए की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।

यह वीडियो भी देखें :

आरोपी से पूछताछ जारी

गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी से इसी तरह रिश्वत की मांग की थी या नहीं।

रिश्वत मांगने पर यहां करें संपर्क

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।