
brain dead patient with doctor and other
अहमदाबाद शहर के सिविल अस्पताल में ब्रेन डेड एक मरीज की दो किडनी व एक लिवर का दान किया गया है। अस्पताल में अब तक 207 ब्रेनडेड मरीजों के अंग स्वीकार किए जा चुके हैं।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि शहर के नारोल निवासी दिनेश साकरिया पेट्रोल पंप पर कर्मचारी के रूप में कार्य करता था। गत 20 अगस्त को वह सिरदर्द और उल्टी की शिकायत के बाद बेहोश हो गए थे। उन्हें एलजी अस्पताल और फिर जमालपुर क्षेत्र के छीपा अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें अहमदाबाद के सिविल अस्पताल लाया गया। काफी उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद विशेष जांच के परिणामों के बाद उन्हें गुरुवार को ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया। अंगदान टीम के डॉ. मोहित चंपावत ने दिनेश के परिजनों को उनकी ब्रेन डेड स्थिति और अंगदान के बारे में बताया, जिसके बाद सिविल अस्पताल में मौजूद उनकी पत्नी नीरूबेन और बच्चों ने अंगदान के लिए स्वीकृति दी। इसके बाद उनके लिवर और दो किडनी का अंगदान स्वीकार किया गया, जिससे तीन लोगों को नई जिंदगी मिली है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि सिविल अस्पताल में अब तक कुल 207 ब्रेनडेड दाताओं से 681 अंगदान हो चुके हैं। इनमें 378 किडनी, 182 लीवर, 15 अग्न्याशय, 66 हृदय, 6 हाथ, 32 फेफड़े, 2 छोटी आंतें, 142 आंख और 23 त्वचा शामिल हैं।
अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जयेश सचदे ने बताया कि शनिवार को सिविल अस्पताल के स्किन बैंक की हेल्पलाइन नंबर पर अहमदाबाद के घोड़ासर क्षेत्र में एक निजी अस्पताल से फोन किया गया। इसमें बताया गया कि घोड़ासर स्थित रसिक पार्क सोसाइटी में रहने वाले 73 बुजुर्ग का निधन होने के बाद परिजनों ने उनकी त्वचा का दान देने का निर्णय किया है। इसके बाद स्किन बैंक के चिकित्सकों ने बुजर्ग के घर पहुंचकर त्वचा का दान स्वीकार किया। त्वचा बैंक खुलने के बाद यह 23वां त्वचा का दान स्वीकार किया गया है। दान की गई त्वचा का उपयोग जले हुए रोगियों के उपचार में किया जाता है।
Published on:
23 Aug 2025 10:59 pm
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